Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: 5 सितंबर सिर्फ एक तारीख नहीं: जब देश के राष्ट्रपति ने अपने ही जन्मदिन को बना दिया शिक्षकों का सबसे बड़ा सम्मान!
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > 5 सितंबर सिर्फ एक तारीख नहीं: जब देश के राष्ट्रपति ने अपने ही जन्मदिन को बना दिया शिक्षकों का सबसे बड़ा सम्मान!
Trending Newsफीचर

5 सितंबर सिर्फ एक तारीख नहीं: जब देश के राष्ट्रपति ने अपने ही जन्मदिन को बना दिया शिक्षकों का सबसे बड़ा सम्मान!

news desk
Last updated: September 5, 2026 11:31 am
news desk
Share
SHARE

“गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांय…” कबीर का यह दोहा सदियों से गुरु के महत्व को बयां करता आ रहा है। माता-पिता के बाद जो हमें सही राह दिखाता है, गलतियों से सीखने की प्रेरणा देता है और जिंदगी को बेहतर दिशा देता है, वह गुरु ही होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में हर साल 5 सितंबर को मनाया जाने वाला शिक्षक दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि एक महान शिक्षक और दार्शनिक के विचारों से जुड़ी कहानी है? भारत के दूसरे राष्ट्रपति और पहले उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर मनाया जाने वाला यह दिन देशभर के शिक्षकों के सम्मान का प्रतीक बन चुका है। तो आइए जानते हैं, आखिर शिक्षक दिवस की शुरुआत कैसे हुई और इसके पीछे की पूरी कहानी क्या है।

Contents
क्यों मनाया जाता है ‘टीचर्स डे’?शिक्षा से दर्शन तक प्रेरणादायक सफरदेश के लिए भी निभाई अहम भूमिका

क्यों मनाया जाता है ‘टीचर्स डे’?

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था। वे एक महान दार्शनिक, विद्वान और शिक्षक होने के साथ लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े रहे। जब वे देश के राष्ट्रपति बने, तो उनके कुछ प्रशंसकों और छात्रों ने उनका जन्मदिन मनाने की इच्छा जताई। इस पर डॉ. राधाकृष्णन ने अपने जन्मदिन को व्यक्तिगत तौर पर मनाने के बजाय इस दिन को शिक्षकों के सम्मान में समर्पित करने का सुझाव दिया।

उनका मानना था कि यह दिन किसी एक व्यक्ति के सम्मान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देशभर के शिक्षकों और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को समर्पित होना चाहिए। इसी विचार के बाद भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई।

शिक्षा से दर्शन तक प्रेरणादायक सफर

डॉ. राधाकृष्णन का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा के प्रति अपनी लगन बनाए रखी और स्कॉलरशिप की मदद से मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से फिलॉसफी में एम.ए. की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और मैसूर तथा कलकत्ता विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दीं।

उनके पढ़ाने का अंदाज इतना प्रभावशाली था कि वे छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय हुए। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में भी अध्यापन किया और भारतीय दर्शन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उनका मानना था कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह इंसान के चरित्र, सोच और व्यक्तित्व को बेहतर बनाने का माध्यम होनी चाहिए।

देश के लिए भी निभाई अहम भूमिका

स्वतंत्रता के बाद डॉ. राधाकृष्णन ने कूटनीति और राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1949 से 1952 तक वे सोवियत संघ में भारत के राजदूत रहे और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने में योगदान दिया। इसके बाद 1952 में वे भारत के पहले उपराष्ट्रपति बने और 1962 में देश के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभाला।

शिक्षा, दर्शन और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए 1954 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

आज ‘टीचर्स डे’ पर स्कूलों और कॉलेजों में छात्र अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करते हैं। लेकिन डॉ. राधाकृष्णन की सोच हमें याद दिलाती है कि शिक्षक का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए। एक अच्छा शिक्षक सिर्फ पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने और सही रास्ता चुनने की समझ भी देता है।

यही वजह है कि 5 सितंबर की तारीख आज सिर्फ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती नहीं, बल्कि देश के हर उस शिक्षक को सम्मान देने का अवसर है, जो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवारने में अपनी भूमिका निभाता है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: DrRadhakrishnan, Education, GuruKaMahattva, IndianEducation, IndianPressHouse, indianpresshouse news, SarvepalliRadhakrishnan, ShikshakDiwas, TeachersDay, TeachersDay2026, TeachersDayIndia, Trending News
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article सहारनपुर में सुबह होते ही बड़ा खेल! मस्जिद पर चला बुलडोजर, इकरा हसन हाउस अरेस्ट
Next Article एक तरफ ट्रंप की धमकी, दूसरी तरफ ईरान का पलटवार! क्या पिकएक्स माउंटेन बनेगा अगला युद्धक्षेत्र?

फीचर

View More

जन्माष्टमी पर कान्हा की वो बांसुरी, जिसकी तान पर मिट गईं मजहब की दीवारें… रसखान से बिस्मिल्लाह खान तक हुए कृष्ण के दीवाने

मथुरा: जन्माष्टमी के मौके पर देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम है। मंदिरों से लेकर घरों तक कान्हा…

By vineet verma 9 Min Read

दही-हांडी की मटकी में छिपा है कान्हा की बाल लीला का राज, जानिए कैसे शुरू हुआ ये रिवाज

आखिरकार वह दिन आ ही गया, जिसका भक्तों को पूरे साल बेसब्री…

3 Min Read

Makkah Pact: क्या मक्का समझौते से एशिया में बनेगा ‘इस्लामिक नाटो’? भारत और वैश्विक शक्तियों की पैनी नज़र

क्या वेस्ट एशिया अब NATO जैसी सैन्य ताकत का नया केंद्र बनने…

6 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsअन्य

सितंबर में मौसम ने बदला मिजाज, 17 राज्यों में बारिश-तूफान का अलर्ट; पहाड़ों पर जाने से पहले जान लें IMD का पूरा अपडेट

नई दिल्ली: सितंबर की शुरुआत के साथ देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है।…

4 Min Read
EntertainmentTrending News

KBC में 50 लाख जीतकर भी 1 करोड़ से पीछे हटे CRPF अफसर, नक्सली मुठभेड़ में आंख तक गंवाने का था खतरा; जानिए कौन हैं मनोज यादव

गाजीपुर: ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के मंच पर बुधवार और गुरुवार को CRPF के डिप्टी कमांडेंट मनोज कुमार यादव ने…

5 Min Read
Trending Newsउत्तर प्रदेशराज्य

पत्नी का शव सामने पड़ा था, बेटी मां को उठने की करती रही गुहार, घर ले जाने तक के पैसे नहीं थे; पुलिसकर्मी ने दिखाई इंसानियत

झांसी: एक तरफ पत्नी की मौत का सदमा और दूसरी तरफ उसके शव को घर ले जाने के लिए भी…

4 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

एक तरफ ट्रंप की धमकी, दूसरी तरफ ईरान का पलटवार! क्या पिकएक्स माउंटेन बनेगा अगला युद्धक्षेत्र?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक नई धमकी ने ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को फिर हवा दे दी…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?