भारतीय क्रिकेट के ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर वो कर दिखाया है, जिसकी गूंज सदियों तक क्रिकेट गलियारों में सुनाई देगी।
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में जब टीम इंडिया 387 रनों के रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो रोहित शर्मा ने महज 86 गेंदों में एक ऐसा ऐतिहासिक शतक जड़ा जिसने उनके संन्यास और टीम से बाहर किए जाने की तमाम अटकलों को हमेशा के लिए दफन कर दिया। इस पारी के साथ ही रोहित ने लॉर्ड्स के मैदान पर एक ऐसा कीर्तिमान बना दिया है, जो आज तक कोई भारतीय नहीं कर सका था।
रोहित शर्मा के ऐतिहासिक शतक
- लॉर्ड्स में रचा नया इतिहास: रोहित शर्मा लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर वनडे क्रिकेट में शतक लगाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन गए हैं।
- दादा का 22 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त: इससे पहले लॉर्ड्स में किसी भारतीय का सर्वोच्च वनडे स्कोर 92 रन था, जो साल 2004 में सौरव गांगुली ने बनाया था।
- संन्यास और ड्रॉप होने के दावों पर तमाचा: पिछले मैच में फ्लॉप होने के बाद मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि लॉर्ड्स का मैच रोहित के करियर का आखिरी मैच होगा और सिलेक्टर्स उन्हें ड्रॉप करने वाले हैं, लेकिन हिटमैन ने बल्ले से करारा जवाब दिया।
- 86 गेंदों में महा-शतक: रोहित ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए आदिल रशीद की गेंद पर चौका जड़कर अपना यह यादगार शतक पूरा किया।
- लॉर्ड्स का पुराना सूखा खत्म: इससे पहले रोहित ने लॉर्ड्स के मैदान पर खेली अपनी दो वनडे पारियों में महज 22 रन बनाए थे, लेकिन इस बार उन्होंने सारा हिसाब चुकता कर दिया।
387 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य और हिटमैन का तांडव
रविवार 19 जुलाई को लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने तबाही मचाते हुए 387 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो इस मैदान का अब तक का सबसे बड़ा वनडे स्कोर है। इतने बड़े लक्ष्य के दबाव में टीम इंडिया को एक कड़क शुरुआत की दरकार थी। रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने मैदान पर आते ही ब्रिटिश गेंदबाजों की क्लास लगाना शुरू कर दिया। दोनों ने पहले विकेट के लिए 147 रनों की तूफानी पार्टनरशिप की। शुभमन गिल के आउट होने के बाद भी रोहित का बल्ला नहीं रुका और उन्होंने पहले 50 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और फिर गियर बदलकर इंग्लिश टीम को बैकफुट पर धकेल दिया।
आलोचकों की बोलती बंद, करियर पर लगा दांव जीता
इस मैच से ठीक पहले रोहित शर्मा के इंटरनेशनल करियर को लेकर तमाम तरह की बातें हो रही थीं। कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में रोहित के बल्ले से सिर्फ 26 रन निकले थे, जिसके बाद अफवाहों का बाजार गर्म था कि सेकेल्शन कमेटी ने उन्हें अल्टीमेटम दे दिया है।
क्रिकेट पंडितों का मानना है: “रोहित शर्मा जब दबाव में होते हैं, तो वो और खतरनाक हो जाते हैं। लॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित मैदान पर, जहां बड़े-बड़े दिग्गज शतक के लिए तरसते हैं, वहां रोहित ने विपरीत परिस्थितियों में आकर न सिर्फ टीम को संभाला बल्कि अपने आलोचकों को मैदान से ही खामोश होने का संदेश दे दिया।”
रोहित शर्मा की इस कप्तानी पारी (पूर्व कप्तान के तौर पर) और शुभमन गिल के साथ उनकी इस ट्यूनिंग ने यह साबित कर दिया है कि ‘हिटमैन’ में अभी बहुत क्रिकेट बाकी है। इस ऐतिहासिक शतक के बाद अब सिलेक्टर्स और आलोचकों के पास रोहित की जगह पर सवाल उठाने का कोई मौका नहीं बचा है।