नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे समेत कई लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद संगठन ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। CJP का दावा है कि हिरासत में लिए गए नेताओं के फोन जब्त कर लिए गए और उन्हें कानूनी सहायता के लिए अपने वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
CJP ने हिरासत में लिए नेताओं को लेकर उठाए सवाल
CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य नेताओं को जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया है, लेकिन उन्हें अपने कानूनी प्रतिनिधियों से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पुलिस स्टेशन के एसएचओ ने वकील को हिरासत में लिए गए नेताओं से मिलने की अनुमति नहीं दी, जबकि उनके फोन भी जब्त कर लिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि नेताओं को किस कानूनी आधार पर हिरासत में रखा गया है और उनके वकील को मिलने से क्यों रोका जा रहा है।
लीगल टीम ने फोन जब्त करने का लगाया आरोप
CJP के लीगल प्रतिनिधि पुष्प शर्मा ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि उन्हें सौरव दास, आशुतोष रांका और उनके साथ हिरासत में लिए गए अन्य 12 लोगों से मिलने नहीं दिया गया।
उन्होंने बताया कि वह लगातार व्हाट्सऐप मैसेज और फोन कॉल के जरिए सौरव दास के संपर्क में थे। उनके मुताबिक, सौरव दास का आखिरी संदेश था कि उनके फोन लिए जा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
पुष्प शर्मा ने कहा कि उन्होंने एसएचओ से भी नेताओं से मिलने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्हें सिर्फ यह बताया गया कि सभी लोगों को सुरक्षित रखा गया है। उनका कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों को अपने वकील से मिलने का अधिकार है।
जंतर-मंतर पर बंद गेट फांदकर पहुंचे थे नेता
मंगलवार सुबह सौरव दास और आशुतोष रांका समेत CJP के कुछ नेता जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां उन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बताया गया कि वे बंद गेट फांदकर प्रदर्शन स्थल में दाखिल हुए थे।
इससे पहले जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित किए जाने की स्थिति खत्म कर दी गई थी। आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें वह सौरव दास और अजिंक्य शिंदे के साथ बंद गेट पार करते हुए नजर आ रहे थे। इसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर उन्हें हिरासत में ले लिया।
सौरव दास ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
सौरव दास ने घटना का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि CJP ने जंतर-मंतर की जगह को फिर से हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन स्थल का दर्जा खत्म किए जाने के बाद भी संगठन ने वहां पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया।
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई का समर्थन किया और कहा कि विरोध प्रदर्शन की जगह को इस तरह खत्म नहीं किया जा सकता।
जंतर-मंतर की जगह बदले जाने को लेकर विवाद
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को एक सर्कुलर जारी कर जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने की जानकारी दी थी। इसके साथ ही रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को नए प्रदर्शन स्थलों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
CJP ने इससे पहले जून और जुलाई में भी जंतर-मंतर पर आंदोलन किया था। संगठन का दावा है कि उस आंदोलन का असर सरकार के फैसलों पर पड़ा था। अब जंतर-मंतर को लेकर हुई कार्रवाई के बाद संगठन और पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया है।