नई दिल्ली: अगर आप घर की बालकनी, कमरे या ऑफिस की खूबसूरती बढ़ाना चाहते हैं तो गोल्डन पोथोस एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। हरे और पीले रंग के आकर्षक पत्तों वाली यह बेल कम देखभाल में भी आसानी से बढ़ती है। खास बात यह है कि एक पौधे से इसकी कई नई बेलें तैयार की जा सकती हैं। इसे पानी और मिट्टी दोनों में उगाया जा सकता है।
गोल्डन पोथोस क्या है और क्यों लगाएं?
गोल्डन पोथोस एक सजावटी बेल वाला पौधा है, जिसकी हरी पत्तियों पर सुनहरे या पीले रंग के निशान दिखाई देते हैं। इसे डेविल्स आइवी के नाम से भी जाना जाता है। यह घर के अंदर गमले, हैंगिंग बास्केट या किसी सहारे के साथ आसानी से लगाया जा सकता है।
इस पौधे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती। सामान्य रोशनी और सही पानी के साथ यह लंबे समय तक हरा-भरा बना रह सकता है।
कटिंग से ऐसे तैयार करें नया पौधा
गोल्डन पोथोस को कटिंग के जरिए आसानी से बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले पौधे की स्वस्थ और हरी टहनी चुनें। ध्यान रखें कि टहनी पर पत्तियां और तने पर गांठें यानी नोड मौजूद हों।
कटिंग लेते समय गांठ के ठीक नीचे से तने को काटें। एक कटिंग में कम से कम एक गांठ और एक पत्ती होनी चाहिए। तने के निचले हिस्से की पत्तियों को हटा दें ताकि वे पानी या मिट्टी में दबकर खराब न हों।
अगर एक ही पौधे से कई नए पौधे तैयार करने हैं तो इसी तरीके से कई कटिंग ली जा सकती हैं।
पानी में गोल्डन पोथोस उगाने का तरीका
पानी में पौधा तैयार करने के लिए एक साफ गिलास या जार लें और उसमें पानी भरें। अब कटिंग को इस तरह रखें कि तने की गांठ पानी के अंदर रहे, जबकि पत्तियां पानी से ऊपर रहें।
जार को ऐसी जगह रखें जहां हल्की और पर्याप्त रोशनी आती हो, लेकिन सीधी तेज धूप न पड़ती हो। पानी को समय-समय पर बदलते रहें ताकि कटिंग खराब न हो।
कुछ हफ्तों में इसमें जड़ें निकलनी शुरू हो सकती हैं। जब जड़ें करीब 2.5 से 5 सेंटीमीटर तक लंबी हो जाएं तो इसे गमले की मिट्टी में लगाया जा सकता है।
मिट्टी में सीधे कैसे लगाएं कटिंग?
गोल्डन पोथोस को सीधे मिट्टी में भी लगाया जा सकता है। इसके लिए नीचे छेद वाले छोटे गमले का इस्तेमाल करें ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके।
गमले में हल्की और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी भरें। इसके बाद मिट्टी में छोटा छेद करके कटिंग को लगाएं। ध्यान रखें कि कम से कम एक गांठ मिट्टी के अंदर जरूर रहे।
कटिंग लगाने के बाद मिट्टी को हल्का पानी दें और गमले को ऐसी जगह रखें जहां अप्रत्यक्ष रोशनी मिलती रहे। सही देखभाल मिलने पर नया पौधा तैयार होने में करीब 3 से 6 हफ्ते लग सकते हैं।