नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले, परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को 31वें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन के बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार ने गतिरोध खत्म करने के लिए एक बार फिर बातचीत की पहल की है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि सरकार छात्रों की सुविधा के अनुसार “किसी भी समय और किसी भी जगह” सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सरकार की अपील: “प्रतिष्ठा की बात नहीं, समाधान की ओर बढ़ें”
मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रदर्शनकारी छात्रों और CJP प्रतिनिधियों से आंदोलन खत्म कर वार्ता की टेबल पर आने की अपील की:
- खुला निमंत्रण: जितेंद्र सिंह ने कहा, “यह हमारे सभी युवा दोस्तों के लिए एक खुला निमंत्रण है। हम अपनी प्रतिष्ठा या सम्मान को आड़े नहीं आने देंगे। बातचीत के जरिए ही समाधान निकलेगा।”
- 4 बार भेजा गया प्रस्ताव: सरकार बुधवार दोपहर से लेकर अब तक CJP प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए चार बार औपचारिक प्रस्ताव भेज चुकी है।
- कौन-कौन रहेगा मौजूद: केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि बातचीत के दौरान वे स्वयं और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा मौजूद रहेंगे। यह वार्ता जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में हो सकती है।
क्यों बना हुआ है डेडलॉक?
31 दिनों से जारी इस आंदोलन में सरकार और CJP के बीच दूसरे दौर की बातचीत को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है:
- स्थान को लेकर पेच: सूत्रों के मुताबिक, CJP और छात्र प्रतिनिधि किसी भी सरकारी आवास या दफ्तर में जाकर बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हैं। वे किसी तटस्थ (Neutral) जगह पर वार्ता की मांग कर रहे हैं।
- प्रमुख मांगें: प्रदर्शनकारी छात्र मुख्य रूप से NEET परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े हुए हैं।
इससे पहले CJP के एक प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा के आवास पर पहुंचकर अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा था।
जंतर-मंतर पर बढ़ता तनाव
जंतर-मंतर पर चल रहा यह आंदोलन लगातार राष्ट्रव्यापी ध्यान खींच रहा है। हाल ही में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के कुछ वीडियो भी सामने आए थे। वहीं दूसरी ओर, सरकार लगातार यह मैसेज देने की कोशिश कर रही है कि वह छात्रों के कल्याण और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर गंभीर है।