सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले में कथित जहरीली शराब पीने से 15 लोगों की मौत के बाद शासन-प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। मामले में सरकार ने पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल और एसपी अनुराग सुजानिया ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने 30 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और 10 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, तितरवारा का मुख्य मास्टरमाइंड अब भी फरार बताया जा रहा है। एहतियात के तौर पर 150 से ज्यादा ग्रामीणों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
सागर कांड के बाद सरकार का बड़ा एक्शन
घटना की गंभीरता को देखते हुए मोहन सरकार ने सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते, आबकारी उप निरीक्षक रोशनी उरेते, बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाहा और गूगरा चौकी प्रभारी पूरनलाल लड़िया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा फ्लाइंग स्क्वाड की प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को ग्वालियर मुख्यालय से अटैच किया गया है।
5 साल में जहरीली शराब से मौतों की 7वीं बड़ी घटना
सागर की घटना ने मध्य प्रदेश में अवैध और जहरीली शराब से जुड़े पुराने मामलों की यादें ताजा कर दी हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में ऐसी मौतों की यह सातवीं बड़ी घटना है। इस दौरान उज्जैन, खरगोन, मुरैना, मंदसौर और इंदौर समेत कई जिलों में लोगों की जान गई।
2020 में उज्जैन में जहरीली शराब से 12 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद 2021 में खरगोन में 2, मुरैना में 24 से ज्यादा, मंदसौर में 7 और इंदौर में 5 लोगों की मौत दर्ज की गई थी।
2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, भिंड और छतरपुर में भी जहरीली शराब से चार-चार लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2023 से फरवरी 2026 के बीच जहरीली शराब को लेकर 19 गंभीर शिकायतें सामने आईं, हालांकि इस अवधि में किसी मौत की सूचना नहीं थी। अब सागर में 15 मौतों के बाद अवैध शराब के नेटवर्क और निगरानी व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस ने अलर्ट के बावजूद कार्रवाई न होने का लगाया आरोप
सागर की घटना को लेकर कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि मई में ही उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से तस्करों से पूछताछ के आधार पर मध्य प्रदेश पुलिस और आबकारी विभाग को नकली शराब की सप्लाई को लेकर अलर्ट किया गया था। कांग्रेस का आरोप है कि इसके बावजूद समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मुरैना कांड से फिर जुड़ा अनुराग सुजानिया का नाम
सागर के मौजूदा एसपी अनुराग सुजानिया को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। 2021 में जब मुरैना में जहरीली शराब पीने से 24 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी, तब सुजानिया वहां के एसपी थे।
उस मामले की जांच में अवैध शराब के कारोबार के पुलिस संरक्षण में चलने की बात सामने आने के बाद सरकार ने उन्हें पद से हटा दिया था। अब सागर में भी उनके एसपी रहते 15 लोगों की मौत के बाद इस पुराने मामले का जिक्र करते हुए कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।
उज्जैन से सागर तक फिर सामने आया अवैध शराब का सवाल
लगातार सामने आए मामलों ने प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री, नकली शराब की सप्लाई और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। सागर की घटना के बाद एक बार फिर यह मुद्दा सामने है कि पहले की घटनाओं से सबक लेने और संभावित तस्करी की जानकारी मिलने के बावजूद ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग सकी।