वाशिंगटन। एक तरफ ईरान के साथ गहराता युद्ध का संकट और दूसरी तरफ अमेरिकी मीडिया (फेक न्यूज) के तीखे बाण—इन दोनों के बीच फंसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास अपने ही बड़े बेटे की शादी में जाने का वक्त नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि बेहद संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय हालातों के चलते वे शायद इस वीकेंड अपने बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर की शादी में शामिल न हो पाएं।
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से खुलकर बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी इस मजबूरी और मीडिया के प्रति अपनी नाराजगी को बयां किया है।
‘शादी की टाइमिंग सही नहीं ओवल ऑफिस में बोले ट्रंप
गुरुवार (21 मई) को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा कि इस समय देश के सामने ईरान जैसी बड़ी चुनौती है, इसलिए उनके लिए व्हाइट हाउस छोड़ना मुश्किल है। ट्रंप ने कहा:
“मेरा बेटा दिल से चाहता है कि मैं उसकी शादी में आऊं। मैं जाने की पूरी कोशिश भी करूंगा, लेकिन सच यह है कि इस शादी की टाइमिंग बिल्कुल सही नहीं है। मेरे सामने इस वक्त ‘ईरान’ जैसा गंभीर मुद्दा खड़ा है।”
‘जाऊं या न जाऊं, फेक न्यूज मुझे ही घेरेगी’
अपनी सुरक्षा और देश की स्थिति के साथ-साथ ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि मीडिया हर हाल में उन्हें निशाना बनाने का बहाना ढूंढ ही लेता है।
ट्रंप के मुताबिक, “अगर मैं इस संकट के बीच बेटे की शादी में जाता हूं, तो भी मेरी आलोचना होगी कि देश को छोड़कर मैं एन्जॉय कर रहा हूं। और अगर नहीं जाता हूं, तो भी मुझे घेरा जाएगा। ऐसा करने वाली बेशक हमारी ‘फेक न्यूज’ (मीडिया) ही होगी।”
बहामास में बेहद निजी समारोह: सोशलाइट बेटिना एंडरसन बनेंगी बहू
डोनाल्ड ट्रंप जूनियर इसी वीकेंड बहामास के एक खूबसूरत और निजी द्वीप पर शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। वह पाम बीच की मशहूर सोशलाइट और मॉडल बेटिना एंडरसन के साथ नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं।
कैसी है मेहमानों की लिस्ट? सीएनएन (CNN) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस शादी को पूरी तरह सीक्रेट और बेहद छोटा रखा गया है। वीआईपी तामझाम से दूर, मेहमानों की लिस्ट बेहद सीमित है, जिसमें सिर्फ परिवार के लोग और कुछ बेहद करीबी दोस्त ही शामिल हो रहे हैं।
सुरक्षा का कड़ा पहरा: ईरान के साथ जारी तनाव को देखते हुए राष्ट्रपति की सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं। सुरक्षा चिंताओं और हाई-प्रोफाइल मीडिया कवरेज से बचने के लिए ही शादी को अमेरिका से बाहर बहामास में प्लान किया गया है।
अब देखना यह होगा कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप ऐन वक्त पर प्रोटोकॉल तोड़कर अपने बेटे को आशीर्वाद देने बहामास पहुंचते हैं, या फिर व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम से ही ईरान संकट पर नजर बनाए रखते हैं।