इंडियन क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। 38 साल के रहाणे ने आज अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर एक इमोशनल वीडियो और मैसेज शेयर कर फैंस के साथ यह खबर शेयर की, जैसा उनका गेम रहाता है बिल्कुल वैसे ही बिना किसी ड्रामे या शोर-शराबे के, उन्होंने शांत तरीके से पोस्ट आकर इंटरनेशनल सफर पर फुल स्टॉप लगा दिया
अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए रहाणे ने लिखा, “Cap 278, signing off. इतने सालों तक मिले प्यार, भरोसे और सपोर्ट के लिए दिल से शुक्रिया। टीम इंडिया की जर्सी पहनना मेरी लाइफ का सबसे बड़ा ऑनर रहा।” पोस्ट आते ही इंटरनेट पर #AjinkyaRahane और #Cap278 ट्रेंड करने लगा। क्रिकेट फ्रेटरनिटी से लेकर लाखों फैंस तक, हर कोई रहाणे के इस शानदार करियर को सेलिब्रेट कर रहा है और उन्हें फ्यूचर के लिए विशेज दे रहा है।
15 साल का सफर और ‘मिडिल ऑर्डर की दीवार’
2011 में भारत के लिए डेब्यू करने वाले ‘जिंक्स’ ने लगभग डेढ़ दशक तक टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर को संभाला। अजिंक्य रहाणे ने करियर में 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। टेस्ट फॉर्मेट में उनके नाम 5,000 से ज्यादा रन और 12 क्लासिक सेंचुरीज़ दर्ज हैं। खासकर विदेशी पिचों पर जब भी टीम इंडिया मुश्किल में फंसी, रहाणे एक सॉलिड पिलर बनकर खड़े हुए।
द अल्टीमेट कमबैक!
अगर अजिंक्य रहाणे के करियर के सबसे आइकॉनिक मोमेंट की बात करें, तो 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी हमेशा टॉप पर रहेगी। एडिलेड में टीम इंडिया 36 रन पर ऑल-आउट हो चुकी थी और रेगुलर कैप्टन विराट कोहली घर लौट चुके थे। ऐसे मोमेंट में रहाणे ने कमान संभाली, मेलबर्न टेस्ट में एक मास्टरक्लास सेंचुरी जड़ी और पूरी टीम में एक नया कॉन्फिडेंस भर दिया। उनकी कूल और कैलकुलेटेड कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में 2-1 से हराया और गाबा का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
सेफ हैंड्स और नो-ड्रामा एटीट्यूड
रहाणे सिर्फ अपनी बैटिंग के लिए ही नहीं, बल्कि स्लिप में अपनी गजब की फील्डिंग के लिए जाने जाते हैं। उनके शार्प रिफ्लेक्स और सेफ हैंड्स ने भारत को कई क्रूशियल विकेट्स दिलाए। मैदान पर उनका कूल-कंपोज्ड नेचर और बिना किसी कंट्रोवर्सी के सिर्फ अपने बल्ले से जवाब देने का स्टाइल उन्हें सबसे अलग बनाता है।
आगे क्या है प्लान?
अपने फेयरवेल मैसेज में रहाणे ने साफ किया कि भले ही उनका इंटरनेशनल करियर खत्म हो गया हो, लेकिन क्रिकेट से उनका कनेक्शन बना रहेगा। वो आगे यंग टैलेंट को गाइड करेंगे, डोमेस्टिक क्रिकेट में यंगस्टर्स को ग्रूम करेंगे और इंडियन क्रिकेट को बैक-द-सीन सपोर्ट करते रहेंगे। अजिंक्य रहाणे का करियर सिर्फ स्टैट्स का खेल नहीं था। उनका डिसिप्लिन, डेडिकेशन, टीम-फर्स्ट एटीट्यूड और शांत लीडरशिप ही उनकी असली लेगेसी है।