ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 8वें दिन एथलेटिक्स का सबसे चर्चित और हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलेगा। पुरुषों की जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) स्पर्धा में भारत के ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के अरशद नदीम के बीच 12वीं भिड़ंत होने जा रही है।
अगर खेलों में भारत-पाकिस्तान के मुकाबले का रोमांच देखना हो, तो क्रिकेट के बाद पुरुषों का जैवलिन थ्रो ही एक ऐसा मंच है जहाँ दुनिया भर की नज़रें टिकी होती हैं।
क्यों खास है CWG 2026 में नीरज बनाम अरशद की जंग?
इस मुकाबले ने प्रशंसकों की बेताबी इसलिए भी बढ़ा दी है क्योंकि दोनों एथलीट्स का कॉमनवेल्थ इतिहास बेहद दिलचस्प रहा है:
- 2018 (गोल्ड कोस्ट): नीरज चोपड़ा ने 86.47 मीटर भाला फेंककर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया था, जबकि अरशद नदीम 8वें स्थान पर रहे थे।
- 2022 (बर्मिंघम): कमर की चोट (Groin Injury) के कारण नीरज चोपड़ा प्रतियोगिता से बाहर हो गए थे। इसका फायदा उठाते हुए अरशद नदीम ने न सिर्फ गोल्ड जीता, बल्कि 90.18 मीटर के विशाल थ्रो के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड भी बना डाला।
- 2026 (ग्लासगो): अब नीरज चोपड़ा पूरी तरह फिट होकर वापसी कर चुके हैं। सवाल यही है कि क्या नीरज की मौजूदगी में अरशद अपना ‘गोल्डन’ खिताब बचा पाएंगे?
हेड-टू-हेड रिकॉर्ड: 10-1 से नीरज का पलड़ा बेहद भारी
भले ही पेरिस ओलंपिक 2024 में अरशद नदीम ने बाजी मारते हुए गोल्ड जीता था और नीरज को सिल्वर से संतोष करना पड़ा था, लेकिन अगर दोनों के बीच अब तक के कुल 11 मुकाबलों की बात करें तो नीरज चोपड़ा का वर्चस्व एकतरफा रहा है।
नीरज चोपड़ा Vs अरशद नदीम (अहम मुकाबले):
| वर्ष | टूर्नामेंट | नीरज चोपड़ा का स्थान | अरशद नदीम का स्थान |
| 2016 | साउथ एशियन गेम्स | स्वर्ण पदक (1st) | कांस्य पदक (3rd) |
| 2018 | कॉमनवेल्थ गेम्स | स्वर्ण पदक (1st) | 8वां स्थान |
| 2018 | एशियन गेम्स (जकार्ता) | स्वर्ण पदक (1st) | कांस्य पदक (3rd) |
| 2020 | टोक्यो ओलंपिक्स | स्वर्ण पदक (1st) | 5वां स्थान |
| 2023 | वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप | स्वर्ण पदक (1st) | रजत पदक (2nd) |
| 2024 | पेरिस ओलंपिक्स | रजत पदक (2nd) | स्वर्ण पदक (1st) |
| 2025 | वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप | 8वां स्थान | 10वां स्थान |
आखिरी बार कब टकराए थे दोनों?
नीरज और अरशद का आखिरी बार आमना-सामना वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में हुआ था, जहां दोनों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। उस प्रतियोगिता में नीरज चोपड़ा 8वें स्थान पर रहे थे, जबकि अरशद नदीम 10वें पायदान पर खिसक गए थे।
अब ग्लासगो में दोनों ही स्टार एथलीट्स पुरानी नाकामियों को भुलाकर फिर से स्वर्ण पदक पर निशाना साधने उतरेंगे। देखना होगा कि क्या नीरज अपना कॉमनवेल्थ गोल्ड वापस हासिल कर पाते हैं या अरशद अपना दबदबा बनाए रखते हैं।