कोलकाता / बीरभूम। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस जब एक साधारण दिखने वाले दो मंजिला मकान पर छापेमारी करने पहुंची, तो अंदर का नजारा देख अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं। कभी नॉर्थ बंगाल स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन में बस चालक रहा मीनार मंडल उर्फ टुल्लू मंडल करोड़ों रुपये के काले धन का मालिक निकला। पुलिस को उसके घर से बोरी भर-भरकर नोट और बेतहाशा सोना मिला है।
नोट गिनते-गिनते हांफ गईं 5 मशीनें, 5 लोहे के बक्शों में ले जाया गया माल
छापेमारी के दौरान बीरभूम के देवचा गांव स्थित मीनार मंडल के घर से बरामद संपत्ति का आंकड़ा हैरान करने वाला है:
- 20 करोड़ रुपये की नकदी: घर में बोरियों में भरकर रखे गए 20 करोड़ रुपये से अधिक कैश को गिनने के लिए पुलिस को नोट गिनने वाली 5 मशीनें मंगवानी पड़ीं। नोटों की तादाद इतनी ज्यादा थी कि मशीनें भी बीच में गर्म होकर बंद हो गईं।
- 21.5 करोड़ रुपये का सोना: मकान से 1-1 किलो की 14 सोने की छड़ें (Bars) और 100-100 ग्राम के 10 सोने के बिस्कुट (कुल 15 किलो सोना) बरामद हुए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 21.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
- लोहे के 5 बड़े बक्से: इस विशालकाय बेनामी संपत्ति और सोने-चांदी को जब्त कर ले जाने के लिए पुलिस को लोहे के 5 बड़े ट्रंक (बक्से) मंगवाने पड़े।
ड्राइवर से ‘बालू-पत्थर माफिया’ बनने का सफर
पुलिस जांच के अनुसार, पूर्व ड्राइवर मीनार मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन ने कुछ साल पहले बस चालक की नौकरी छोड़कर अपने रिश्तेदार के साथ बीरभूम के पत्थर और बालू (रेत) खनन कारोबार में कदम रखा था।
- अवैध खनन का सिंडिकेट: बीरभूम में अवैध पत्थर खनन और बालू तस्करी के जरिए उसने करोड़ों रुपये की काली कमाई जुटाई।
- पशु तस्करी और CBI-ED का शिकंजा: टुल्लू का नाम करोड़ों रुपये के बहुचर्चित मवेशी (कैटल) तस्करी मामले में भी सामने आ चुका है। अगस्त 2022 में सीबीआई (CBI) ने उसके ठिकानों पर रेड मारी थी और उसी साल नवंबर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उसे दिल्ली तलब किया था।
- हाई-प्रोफाइल राजनीतिक संबंध: मीनार मंडल को कथित तौर पर स्थानीय कद्दावर राजनीतिक नेताओं और बीरभूम के प्रभावशाली सिंडिकेट का बेहद करीबी माना जाता है।
मर्डर केस से जमानत के बाद चल रहा था अंडरग्राउंड
अक्टूबर 2022 में दर्ज एक हत्या के मामले में बीरभूम पुलिस ने टुल्लू को गिरफ्तार किया था। जमानत पर बाहर आने के बाद से ही वह पुलिस की रडार पर था और हालिया राज्य चुनावों के नतीजों के बाद से अंडरग्राउंड चल रहा था।
छापेमारी के दौरान बीरभूम पुलिस ने मीनार मंडल और उसके बेटे को मौके पर ही हिरासत में ले लिया है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस काले धन और अवैध बालू कारोबार के तार और किन-किन बड़े चेहरों से जुड़े हुए हैं।