नई दिल्ली: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद भारत से सऊदी अरब जाने वाली हवाई सेवाओं पर असर जारी है। इंडिगो और अकासा एयर ने अपनी उड़ानों पर लगी रोक को अब 17 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। दोनों एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर जरूरी जानकारी साझा की है।
इंडिगो ने रियाद, जेद्दा, दम्माम और मदीना की उड़ानें रोकीं
इंडिगो ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि सऊदी अरब में बदलती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए रियाद, जेद्दा, दम्माम और मदीना आने-जाने वाली सभी उड़ानें 17 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी।
एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर जांच लें। इंडिगो ने कहा कि बुकिंग के दौरान दिए गए संपर्क माध्यमों से यात्रियों को लगातार अपडेट भेजे जा रहे हैं और सहायता के लिए उनकी टीमें उपलब्ध हैं।
अकासा एयर ने भी बढ़ाई उड़ानों पर रोक
अकासा एयर ने भी मध्य पूर्व में सुरक्षा हालात और सुरक्षित विमान संचालन से जुड़े जोखिमों को देखते हुए रियाद और जेद्दा आने-जाने वाली उड़ानों को 17 अक्टूबर तक निलंबित रखने का फैसला किया है।
एयरलाइन ने अपनी ट्रैवल एडवाइजरी में कहा है कि प्रभावित यात्री पूरी राशि के रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं। रिफंड सात दिनों के भीतर भुगतान के मूल माध्यम में वापस किया जाएगा। इसके अलावा यात्री अपनी यात्रा को नई तारीख पर भी तय कर सकते हैं।
कई अन्य एयरलाइंस ने भी रोकी सेवाएं
सऊदी अरब की उड़ानों पर रोक सिर्फ इंडिगो और अकासा तक सीमित नहीं है। कई अन्य एयरलाइंस ने भी सुरक्षा कारणों से अपनी सेवाओं को अस्थायी रूप से प्रभावित किया है।
रियाद एयरपोर्ट से जुड़ी उड़ानों पर एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस समेत कई कंपनियों ने भी रोक लगाई है।
भारत ने रियाद एयरपोर्ट हमले की निंदा की
रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले की भारत के विदेश मंत्रालय ने भी निंदा की थी। मंत्रालय ने कहा था कि आम नागरिकों और उनके इस्तेमाल वाली जगहों को निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत ने ऐसे हमलों को तुरंत रोकने की अपील की थी।
मिसाइल हमले में गई थी 13 लोगों की जान
बता दें कि रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले के बाद ही इंडिगो और अकासा एयर ने अपनी सेवाओं पर रोक लगाने का फैसला किया था। इस हमले को सऊदी अरब पर अब तक के बड़े हमलों में से एक बताया गया। हमले में 13 लोगों की मौत और करीब 11 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
हमले की जिम्मेदारी हूती विद्रोहियों ने ली थी।