नई दिल्ली: फिट और हेल्दी रहने की चाह रखने वाले लोगों के बीच ग्रीन टी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। एंटीऑक्सीडेंट्स और कई औषधीय गुणों से भरपूर यह पेय न सिर्फ वजन नियंत्रित करने में मदद करता है, बल्कि शरीर को कई गंभीर बीमारियों के खतरे से भी बचाने में सहायक माना जाता है। यही वजह है कि चीन से शुरू हुई ग्रीन टी आज दुनिया भर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों की पहली पसंद बन चुकी है।
ग्रीन टी कैमेलिया साइनेंसिस पौधे की पत्तियों से तैयार की जाती है। इसमें पॉलीफेनॉल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। विभिन्न अध्ययनों में इसके सेवन को टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग, अल्जाइमर और लिवर संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम करने से भी जोड़ा गया है। आइए जानते हैं ग्रीन टी के 10 प्रमुख स्वास्थ्य लाभ।
ग्रीन टी में मौजूद पॉलीफेनॉल्स शरीर में फैट बर्न करने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद करते हैं। यह मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाकर कैलोरी खर्च करने की क्षमता बढ़ाती है। कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि नियमित सेवन से खासतौर पर पेट के आसपास जमा चर्बी कम करने में मदद मिल सकती है।
ग्रीन टी में मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। कुछ शोधों के अनुसार इसका सेवन स्तन कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, इसोफेगल कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर जैसे कई प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है। विशेषज्ञ इसे बिना दूध मिलाए पीने की सलाह देते हैं।
कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीन टी ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने और ग्लूकोज स्तर को संतुलित रखने में सहायक मानी जाती है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
अध्ययनों के मुताबिक ग्रीन टी का नियमित सेवन शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है। इससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा भी कम हो सकता है।
ग्रीन टी में कैफीन और एल-थीनाइन नामक अमीनो एसिड पाया जाता है। ये दोनों तत्व मिलकर मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इससे एकाग्रता, सतर्कता और मानसिक प्रदर्शन में सुधार हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार ग्रीन टी रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है। यह रक्तचाप को नियंत्रित करने, खराब कोलेस्ट्रॉल कम करने और रक्त के थक्के बनने के जोखिम को घटाने में सहायक हो सकती है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है।
कुछ शोधों में पाया गया है कि ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन्स मस्तिष्क की कोशिकाओं को क्षति से बचाने में मदद कर सकते हैं। इससे बढ़ती उम्र में याददाश्त से जुड़ी समस्याओं और न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायता मिल सकती है।
ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन्स बैक्टीरिया और वायरस के खिलाफ प्रभावी माने जाते हैं। यह मुंह में संक्रमण के खतरे को कम करने, सांसों की दुर्गंध रोकने और दांतों में कैविटी बनने की संभावना घटाने में मदद कर सकती है।
कई अध्ययनों में यह संकेत मिले हैं कि ग्रीन टी का नियमित सेवन उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। यही कारण है कि इसे हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी पेय माना जाता है।
ग्रीन टी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में होते हैं। ये त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने और उम्र बढ़ने के लक्षणों जैसे झुर्रियों को कम करने में मदद कर सकते हैं। कुछ शोधों में इसे त्वचा संबंधी समस्याओं और सूजन को कम करने में भी प्रभावी पाया गया है।
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