आज के समय में साइबर अपराधियों के तरीके पहले से कहीं ज्यादा एडवांस हो चुके हैं। अब सिर्फ फर्जी SMS या ईमेल ही नहीं, बल्कि WhatsApp पर भी ऐसे स्कैम तेजी से बढ़ रहे हैं जिनमें लोगों को उनके ही बॉस या कंपनी के अधिकारी बनकर ठगा जा रहा है। इस नए साइबर फ्रॉड को ‘Boss Scam’ कहा जा रहा है। हाल ही में भारतीय बाजार रेगुलेटर SEBI (Securities and Exchange Board of India) ने भी इस तरह के धोखाधड़ी वाले मामलों को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इस स्कैम में साइबर अपराधी किसी कंपनी के CEO, मैनेजर या सीनियर अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल करते हैं। वे WhatsApp पर नया नंबर बनाकर उसी अधिकारी की फोटो लगा लेते हैं और कर्मचारियों को मैसेज भेजते हैं।
मैसेज में अक्सर लिखा होता है कि वे किसी जरूरी मीटिंग में हैं और तुरंत किसी बैंक अकाउंट या UPI आईडी पर पैसे भेजने की जरूरत है। कई बार गिफ्ट कार्ड खरीदने या किसी जरूरी भुगतान का बहाना भी बनाया जाता है। चूंकि मैसेज की भाषा और प्रोफाइल असली जैसी दिखती है, इसलिए कई लोग बिना पुष्टि किए पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।
पहले ऐसे फ्रॉड केवल टेक्स्ट मैसेज तक सीमित थे, लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने इन्हें और अधिक खतरनाक बना दिया है। इतना ही नही स्कैमर्स AI की मदद से किसी व्यक्ति की आवाज की हूबहू नकल तैयार कर सकते हैं। इतना ही नहीं, Deepfake तकनीक के जरिए नकली वीडियो कॉल भी बनाई जा सकती है, जिसमें सामने वाला व्यक्ति बिल्कुल आपके बॉस जैसा दिखाई देता है। ऐसे में कई लोग आसानी से झांसे में आ जाते हैं।
कुछ मामलों में साइबर अपराधी WhatsApp पर फर्जी बिल, प्रेजेंटेशन या ZIP फाइल भेजते हैं। यदि कोई कर्मचारी बिना जांच किए इन फाइलों को डाउनलोड या ओपन कर लेता है, तो उसके मोबाइल या लैपटॉप में मालवेयर इंस्टॉल हो सकता है। इसके बाद हमलावर डिवाइस का एक्सेस हासिल कर लेते हैं और WhatsApp Web या अन्य माध्यमों से उसी व्यक्ति के नाम पर उसके सहकर्मियों को भी ठगी वाले मैसेज भेज सकते हैं।
एक्सपर्ट्स कका कहना है की इस तरह के साइबर फ्रॉड से बचने के लिए कुछ आसान लेकिन जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए।
अगर किसी वरिष्ठ अधिकारी के नाम से पैसे ट्रांसफर करने या गिफ्ट कार्ड खरीदने का मैसेज मिले, तो पहले उन्हें उनके आधिकारिक नंबर पर कॉल करके पुष्टि करें। किसी भी अनजान लिंक, ZIP फाइल या संदिग्ध अटैचमेंट को बिना जांचे डाउनलोड या ओपन न करें।
अगर आपको ऐसा कोई सस्पिशियस मैसेज मिले, तो तुरंत अपनी कंपनी की IT या साइबर सिक्योरिटी टीम को इसकी जानकारी दें। WhatsApp पर केवल प्रोफाइल फोटो देखकर किसी की पहचान पर भरोसा न करें। नंबर और अन्य जानकारी भी जांचें।
एक्सपर्ट्स का कहना है की अगर गलती से आप किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं, तो बिना देरी किए तुरंत कार्रवाई करें। सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और घटना की जानकारी दें। इसके अलावा, भारत सरकार के National Cyber Crime Reporting Portal पर जाकर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी अधिक हो सकती है।
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