सेहत

Heart Attack Alert: हार्ट अटैक से एक महीने पहले शरीर देता है ये 6 बड़े संकेत, डॉक्टर ने बताया किन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

नई दिल्ली: देश में बदलती जीवनशैली के बीच हार्ट अटैक के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। चिंता की बात यह है कि अब कम उम्र के लोग भी दिल की गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में समय रहते शरीर के संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है। डॉक्टर बिमल छाजेर के अनुसार, हार्ट अटैक आने से करीब एक महीने पहले शरीर कई ऐसे लक्षण देता है, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इन संकेतों की समय पर पहचान कर इलाज शुरू किया जाए तो गंभीर खतरे से बचाव संभव है।

छाती में दबाव या भारीपन को हल्के में न लें

अगर अचानक छाती में दबाव, भारीपन, जकड़न या जलन जैसा महसूस होने लगे और कुछ देर बाद यह अपने आप ठीक भी हो जाए, तब भी इसे सामान्य नहीं समझना चाहिए। डॉक्टर के मुताबिक, यह दिल से जुड़ी समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

थोड़ी मेहनत में सांस फूलना भी हो सकता है संकेत

यदि थोड़ा चलने, बात करने या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलने लगे तो यह चेतावनी का संकेत हो सकता है। खासकर बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में इस तरह की समस्या को गंभीरता से लेने की जरूरत होती है।

बिना वजह लगातार थकान महसूस होना

अगर रोजमर्रा के सामान्य काम करते समय भी शरीर जल्दी थकने लगे और पहले जैसी ऊर्जा महसूस न हो, तो इसे सामान्य कमजोरी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह भी हृदय संबंधी समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है।

हाथ, गर्दन, जबड़े और पीठ में दर्द भी दे सकता है चेतावनी

दोनों हाथों, गर्दन, जबड़े, कंधों या पीठ के ऊपरी हिस्से में बार-बार दर्द होना भी हार्ट अटैक का साइलेंट संकेत माना जाता है। ऐसे लक्षण लगातार दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

ठंडा पसीना, चक्कर और भूख न लगना भी हैं गंभीर संकेत

अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के ठंडा पसीना आने लगे, बार-बार चक्कर महसूस हो, भूख कम लगने लगे या उल्टी जैसा एहसास बना रहे, तो इसे भी कमजोर हृदय का संकेत माना जा सकता है। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है।

बार-बार नींद टूटना भी हो सकता है चेतावनी

यदि लगातार कई दिनों तक नींद बार-बार टूटती हो या रात में आसानी से नींद न आती हो, तो यह भी हृदय संबंधी परेशानी का शुरुआती संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति बार-बार बनने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

किन लोगों में हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है?

डॉक्टर के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, बढ़ा हुआ खराब कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान की आदत और परिवार में हृदय रोग का इतिहास रखने वाले लोगों में हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा 40 वर्ष से अधिक उम्र के वे लोग, जो नियमित शारीरिक गतिविधि या व्यायाम नहीं करते, उन्हें भी विशेष सतर्क रहने की जरूरत है।

vineet verma

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