नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों में पिछले 48 घंटे के भीतर जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना दो दिनों में ₹5,750 प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया, जबकि चांदी ने ₹11,000 से अधिक की छलांग लगाई। घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक घटनाक्रम और निवेशकों की बदलती धारणा इस तेजी की प्रमुख वजह है।
एमसीएक्स पर बुधवार रात करीब 11:30 बजे सोना ₹1,48,650 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इससे पहले सोमवार रात इसका भाव ₹1,42,900 प्रति 10 ग्राम था। यानी सिर्फ 48 घंटे में सोने की कीमत ₹5,750 बढ़ गई।
वहीं चांदी का भाव इसी अवधि में ₹2,16,506 प्रति किलोग्राम से बढ़कर करीब ₹2,27,590 प्रति किलोग्राम पहुंच गया। इस तरह चांदी में ₹11,084 प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई।
तेजी के बावजूद सोना और चांदी अपने अब तक के उच्चतम स्तर से नीचे कारोबार कर रहे हैं। एमसीएक्स के आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी को सोना ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। मौजूदा कीमत इससे ₹44,446 कम है।
इसी तरह चांदी का रिकॉर्ड स्तर ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम रहा है और वर्तमान भाव उससे ₹1,92,458 नीचे है।
वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतों में एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई और यह 4,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर के पार पहुंच गया। इससे एक दिन पहले भी इसमें 4.1 प्रतिशत की तेजी आई थी, जो 3 फरवरी के बाद सबसे बड़ी दैनिक बढ़त मानी जा रही है।
सिंगापुर बाजार में सुबह के कारोबार के दौरान सोना करीब 4,287.95 डॉलर प्रति औंस पर रहा, जबकि चांदी बढ़कर 62.19 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की संभावनाओं और ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेतों ने वैश्विक बाजार का माहौल बदला है। इससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद बनी और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि ईरान के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है और समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है। इस बयान के बाद बाजार में जोखिम की धारणा में बदलाव आया, जिसका असर कीमती धातुओं की कीमतों पर भी दिखाई दिया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महंगाई का दबाव नियंत्रित रहता है तो केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम हो सकता है। निवेशकों को अब इस वर्ष ब्याज दरों में सीमित बढ़ोतरी की उम्मीद है। ऐसी स्थिति में सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियां निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बन जाती हैं, जिससे उनकी मांग बढ़ती है।
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान वार्ता, वैश्विक आर्थिक संकेतों और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति पर निर्भर करेगी। यदि भू-राजनीतिक हालात और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहता है, तो कीमती धातुओं में अस्थिरता बनी रह सकती है।
माफिया डॉन अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान अहमद की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत…
लखनऊ। हाल ही में 13 जुलाई को शुरू हुए लगभग 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे…
नई दिल्ली/गोवा। तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल (Tarun Tejpal) को 2013 के चर्चित…
नई दिल्ली/तेहरान। मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच होर्मुज…
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर उड़ रहा सैन्य हेलीकॉप्टर वॉशिंगटन के आसमान में…
नई दिल्ली। हर साल 6 अगस्त को दुनिया हिरोशिमा दिवस (Hiroshima Day) के रूप में…