मॉस्को। रूस में संसदीय चुनाव (State Duma Elections) के तीसरे और अंतिम दिन एक अभूतपूर्व सैन्य संकट सामने आया है। यूक्रेनी सेना ने रात भर में रूस के विभिन्न हिस्सों को निशाना बनाते हुए 1,600 से अधिक ड्रोन दागे। इस हमले का मुख्य निशाना राजधानी मॉस्को और उसके आसपास के इलाके रहे। मॉस्को के मेयर ने इसे रूसी राजधानी पर अब तक का “सबसे बड़ा ड्रोन हमला” करार दिया है।
स्थानीय प्रशासन और मॉस्को के गवर्नर आंद्रे वोरोब्योव के अनुसार, इन हमलों में मॉस्को के पास एक प्रमुख तेल रिफाइनरी (Oil Refinery) और एक आवासीय इमारत (Residential Building) गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई है।
इस भीषण हमले को लेकर फिलहाल यूक्रेन की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब क्रेमलिन में संसदीय चुनाव की प्रक्रिया चल रही थी। लगभग चार साल से जारी संघर्ष के बीच यह रूस का पहला ‘युद्धकालीन चुनाव’ (Wartime Election) है।
इन चुनावों में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनकी सत्ताधारी नीति का पूरी तरह से दबदबा देखा गया, जहां किसी भी प्रभावी विपक्षी दल को चुनावी मैदान में जगह नहीं मिल सकी। विश्लेषकों के अनुसार, कीव का मुख्य उद्देश्य रूसी जनता को इस युद्ध के सीधे परिणामों का एहसास कराना और व्लादिमीर पुतिन पर शांति वार्ता के लिए दबाव बनाना है।
पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में आमने-सामने की मैदानी लड़ाई में अब गतिरोध आ गया है।
चार साल के संघर्ष के दौरान यूक्रेन स्वदेशी लॉन्ग-रेंज ड्रोन टेक्नोलॉजी में वैश्विक स्तर पर एक मजबूत खिलाड़ी बनकर उभरा है, जिसने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है।
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