नई दिल्ली: शरीर में विटामिन और मिनरल की कमी होने पर डॉक्टर जांच के बाद सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। लेकिन कई लोग बिना सलाह के भी विटामिन और मिनरल्स लेना शुरू कर देते हैं। ऐसे में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कौन सा सप्लीमेंट लेना है, बल्कि यह भी है कि उसे कब और किस तरह लेना चाहिए।
डॉक्टर गौरव खटाना, एमजी डीएम गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट, ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, नई दिल्ली ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में इन सप्लीमेंट्स को लेने का सामान्य तरीका बताया है। हालांकि हर व्यक्ति की जरूरत और डोज अलग हो सकती है, इसलिए सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
विटामिन B12 को खाने के साथ या बिना खाने के लिया जा सकता है। इसे दिन में किसी भी समय लिया जा सकता है। इसके लिए सही समय से ज्यादा जरूरी है कि इसे नियमित रूप से लिया जाए।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार B12 टैबलेट, जीभ के नीचे रखने वाली गोली या इंजेक्शन के रूप में लिया जा सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
मैग्नीशियम को खाने के साथ लिया जा सकता है। इससे पेट खराब होने या गैस जैसी परेशानी का खतरा कम हो सकता है। कुछ लोगों के लिए इसे रात में सोने से पहले लेना नींद और रिलैक्सेशन में मददगार हो सकता है।
मैग्नीशियम को कैल्शियम, आयरन और जिंक से अलग समय पर लेने की सलाह दी गई है। दोनों सप्लीमेंट्स के बीच 2 से 4 घंटे का अंतर रखना चाहिए।
विटामिन C को खाने के साथ या बिना खाने के लिया जा सकता है। हालांकि खाली पेट लेने पर अगर पेट में परेशानी होती है तो इसे भोजन के साथ लेना बेहतर है।
विटामिन C पौधों से मिलने वाले आयरन यानी नॉन-हीम आयरन को शरीर तक बेहतर तरीके से पहुंचाने में मदद करता है। अगर इसकी ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट लिया जा रहा है तो इसे दो डोज में बांटने की सलाह दी गई है।
विटामिन D3 को ऐसे भोजन के साथ लेना चाहिए जिसमें थोड़ी मात्रा में फैट हो। इससे इसका फायदा बेहतर तरीके से मिल सकता है। इसे सुबह या शाम किसी भी समय लिया जा सकता है।
विटामिन D3 को दूध, दही, अंडे, नट्स, एवोकाडो या हेल्दी फैट वाले भोजन के साथ लिया जा सकता है। इसकी जरूरत को डॉक्टर की सलाह के अनुसार पूरा करना चाहिए।
जिंक को खाने के साथ लेना बेहतर माना जाता है, क्योंकि खाली पेट लेने पर मितली या पेट खराब होने की परेशानी हो सकती है।
आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट से जिंक को 2 से 4 घंटे के अंतर पर लेना चाहिए। सप्लीमेंट को रोज लगभग एक ही समय पर लेना भी बेहतर रहता है। जिंक के साथ चाय, कॉफी और बहुत ज्यादा फाइबर वाले भोजन से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे जिंक का अवशोषण प्रभावित हो सकता है।
कैल्शियम को आमतौर पर खाने के साथ लेने से इसका अवशोषण बेहतर हो सकता है और पेट की परेशानी कम हो सकती है। अगर ज्यादा कैल्शियम लेने की जरूरत है तो इसे एक साथ लेने के बजाय छोटी-छोटी डोज में लेना बेहतर बताया गया है।
कैल्शियम को आयरन, जिंक, लेवोथायरोक्सिन और कुछ एंटीबायोटिक्स के साथ लेने से बचना चाहिए। कैल्शियम सप्लीमेंट लेने वालों को चाय, कॉफी और बहुत ज्यादा फाइबर वाले भोजन से भी बचने की सलाह दी गई है।
फोलेट यानी विटामिन B9 शरीर में DNA और लाल रक्त कोशिकाएं बनाने के लिए जरूरी है। गर्भावस्था में भी इसे लेने की सलाह दी जाती है।
फोलेट को खाने के साथ या बिना खाने के लिया जा सकता है। इसे रोजाना नियमित रूप से लेना जरूरी है, खासकर अगर आप प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं, प्रेग्नेंट हैं या बच्चे को स्तनपान करा रही हैं।
ध्यान रखें कि विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट की जरूरत और डोज हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट शुरू करने के बजाय पहले अपनी जरूरत के बारे में विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
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