नई दिल्ली: बारिश का मौसम अपने साथ सर्दी-खांसी, वायरल संक्रमण और पाचन संबंधी कई समस्याएं लेकर आता है। इस दौरान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ने लगती है। ऐसे में आयुर्वेद विशेषज्ञों का मानना है कि रसोई में आसानी से मिलने वाला करी पत्ता मानसून में सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट शरीर को संक्रमण से बचाने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।
आयुर्वेद विशेषज्ञ ने बताया सेवन का तरीका
आयुर्वेद विशेषज्ञ आचार्य बालकृष्ण के अनुसार बरसात के मौसम में करी पत्ता तेजी से बढ़ता है। ऐसे में इसे घर में लगाकर रोजाना 5 से 6 ताजे पत्ते चबाना लाभकारी माना जाता है। नियमित सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
डिटॉक्स और वजन नियंत्रण में भी मददगार
एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. बिमल झांजर के मुताबिक करी पत्ता शरीर को डिटॉक्स करने और वजन नियंत्रित रखने में भी सहायक हो सकता है। उनका कहना है कि यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के साथ-साथ डायबिटीज प्रबंधन में भी मददगार माना जाता है। करी पत्ते का सेवन ताजी पत्तियों या उसके पाउडर के रूप में किया जा सकता है।
इम्यूनिटी को मिल सकता है प्राकृतिक सहारा
आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान के अनुसार करी पत्ते में विटामिन ए, विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और कई जैव सक्रिय तत्व मौजूद होते हैं। ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को समर्थन देने में मदद कर सकते हैं। मानसून में संक्रमण का खतरा बढ़ने पर इसका नियमित और सीमित मात्रा में सेवन फायदेमंद माना जाता है।
पाचन तंत्र को रख सकता है स्वस्थ
बारिश के मौसम में दूषित भोजन और पानी के कारण डायरिया, दस्त, हैजा और अन्य पेट संबंधी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। करी पत्ते में मौजूद अल्कलॉइड्स और पाचन को सहारा देने वाले तत्व पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। यह कब्ज और ढीले दस्त जैसी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है तथा आंतों की सेहत को बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
ब्लड शुगर नियंत्रण में भी हो सकता है सहायक
कई शोधों में यह संकेत मिले हैं कि करी पत्ते का सेवन रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है। हालांकि विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि इसे मधुमेह की दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि यह केवल संतुलित आहार का एक हिस्सा हो सकता है।
संक्रमण से बचाव में निभा सकता है भूमिका
करी पत्ते में प्राकृतिक एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मददगार माने जाते हैं। मानसून में संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए इसे सलाद, दाल, सब्जी, सूप या अन्य व्यंजनों में शामिल किया जा सकता है। रोजाना 6 से 7 पत्ते चबाने की भी सलाह दी जाती है।
त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद
बरसात के मौसम में बाल झड़ने, त्वचा में खुजली, लालिमा और संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। करी पत्ते में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व त्वचा और बालों को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। नियमित सेवन से इन समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
रोज कितनी मात्रा में करें सेवन?
विशेषज्ञों के अनुसार प्रतिदिन 8 से 10 ताजे करी पत्तों का सेवन पर्याप्त माना जाता है। इन्हें चटनी, दाल, सांभर, पोहा, उपमा या सब्जी में मिलाकर भी खाया जा सकता है।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?
जिन लोगों को किसी पौधे या पत्ते से एलर्जी है, उन्हें करी पत्ते का सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए। मधुमेह के मरीज यदि ब्लड शुगर कम करने वाली दवाएं ले रहे हैं तो उन्हें नियमित रूप से शुगर की जांच करते रहना चाहिए। वहीं गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान किसी भी हर्बल चीज का अधिक मात्रा में सेवन करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
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