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बारिश में बार-बार फिसल जाती है चप्पल? जानिए इसकी असली वजह और बचाव के आसान उपाय

नई दिल्ली: मानसून के दौरान गीली सड़क, सीढ़ियों या टाइल्स पर चलते समय फिसलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कई लोग इसकी वजह सिर्फ बारिश को मानते हैं, लेकिन कई मामलों में चप्पल की ग्रिप भी इसके लिए जिम्मेदार होती है। अगर आप बारिश में सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि आखिर स्लिपर क्यों फिसलती है और इस जोखिम को कैसे कम किया जा सकता है।

बारिश में चप्पल ज्यादा क्यों फिसलती है?

बारिश के दौरान सड़क, टाइल्स और सीढ़ियों पर पानी की एक पतली परत जम जाती है। इससे चप्पल के सोल और सतह के बीच घर्षण कम हो जाता है, जिसके कारण पैर का संतुलन बिगड़ने और फिसलने का खतरा बढ़ जाता है।

घिसा हुआ सोल भी बनता है बड़ी वजह

समय के साथ चप्पल के सोल पर बने खांचे घिस जाते हैं। जब ये खांचे खत्म होने लगते हैं तो सोल की पकड़ कमजोर हो जाती है और गीली सतह पर फिसलने की आशंका बढ़ जाती है।

चिकने सोल वाली चप्पलों से बढ़ सकता है जोखिम

कुछ स्लिपर के सोल काफी चिकने होते हैं। ऐसे सोल गीली सतह पर पर्याप्त पकड़ नहीं बना पाते, जिससे चलते समय संतुलन बिगड़ सकता है।

कीचड़ और तेल भी करते हैं ग्रिप कमजोर

यदि चप्पल के सोल में कीचड़, धूल या तेल जमा हो जाए तो उसकी पकड़ और कम हो जाती है। ऐसे में बारिश के दौरान फिसलने की संभावना बढ़ जाती है।

चिकनी सतह पर बरतें ज्यादा सावधानी

मार्बल, ग्रेनाइट और चमकदार टाइल्स जैसी सतहें गीली होने पर सामान्य से अधिक फिसलन भरी हो जाती हैं। इन जगहों पर चलते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

फिसलने का खतरा कैसे करें कम?

अगर आपकी चप्पल का सोल घिस चुका है तो उसे बदल देना सबसे सुरक्षित विकल्प है। बारिश के मौसम में रबर सोल या एंटी-स्लिप ग्रिप वाली चप्पलों का इस्तेमाल बेहतर माना जाता है। इसके अलावा चप्पल के सोल की नियमित सफाई करते रहें ताकि उस पर कीचड़, धूल या तेल जमा न हो।

गीली टाइल्स और सीढ़ियों पर हमेशा धीरे-धीरे और छोटे कदमों से चलें। वहीं बहुत पुरानी, घिसी हुई या ढीली चप्पल पहनने से बचें, क्योंकि इससे पैर की पकड़ कमजोर हो सकती है।

सोशल मीडिया के हैक्स पर आंख बंद करके न करें भरोसा

सोशल मीडिया पर बारिश में चप्पल की ग्रिप बढ़ाने के लिए गोंद लगाने, सैंडपेपर रगड़ने या नमक लगाने जैसे कई उपाय वायरल होते रहते हैं। हालांकि इन तरीकों के प्रभावी होने का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है। कुछ मामलों में ऐसे प्रयोग चप्पल को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।

 

vineet verma

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