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45 मिनट में लखनऊ से कानपुर! खुलने जा रहा है एक्सप्रेसवे, जानिए कहां से मिलेगी एंट्री, कहां होंगे एग्जिट और क्या हैं इसकी बड़ी खूबियां

उन्नाव: लंबे इंतजार के बाद लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे आम लोगों के लिए तैयार हो गया है। 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी शामिल होंगी। उद्घाटन से पहले शनिवार को जिला प्रशासन ने तैयारियों का जायजा लिया।

करीब 4700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ एक्सप्रेसवे

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के मुताबिक, 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 4700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। परियोजना का निर्माण कार्य जनवरी 2022 में शुरू हुआ था। इससे पहले मार्च 2019 में इसकी आधारशिला रखी गई थी और बाद में 5 जनवरी 2022 को परियोजना को आगे बढ़ाया गया। दिसंबर 2020 में इसे आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे-6 का दर्जा दिया गया।

दो पैकेज में पूरा हुआ निर्माण कार्य

इस परियोजना का निर्माण दो अलग-अलग पैकेज में किया गया। दोनों चरणों को ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने में लगभग चार साल लग गए।

पहले और दूसरे चरण पर कितना खर्च हुआ

परियोजना के पहले चरण पर लगभग 1675.18 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि दूसरे चरण की लागत करीब 3000 करोड़ रुपये रही। एक्सप्रेसवे लखनऊ के शहीद पथ को कानपुर में गंगा पुल के पास स्थित आजाद चौराहे से जोड़ता है। इसे छह लेन के नियंत्रित प्रवेश वाले एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया गया है।

अब सिर्फ 45 मिनट में पूरा होगा सफर

लखनऊ और कानपुर के बीच सड़क मार्ग से दूरी लगभग 93 किलोमीटर है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय करीब दो घंटे से घटकर सिर्फ 45 मिनट रह जाएगा। कुल 63 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में 18 किलोमीटर एलिवेटेड सेक्शन है, जबकि 45 किलोमीटर नया हिस्सा अविकसित भूमि पर बनाया गया है।

कहां से होगी एंट्री और कहां मिलेगा एग्जिट

यह एक्सप्रेसवे अधिकांश हिस्से में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के समानांतर बनाया गया है। उन्नाव के बनी क्षेत्र से होकर यह पुरवा होते हुए कानपुर के आजाद चौराहे तक पहुंचता है। बनी से आजाद चौराहे की दूरी राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 8.5 किलोमीटर है। वहीं बनी से लखनऊ के शहीद पथ तक करीब 18 किलोमीटर का हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग के ऊपर एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया गया है।

एक्सप्रेसवे की प्रमुख विशेषताएं

इस परियोजना में 3 बड़े पुल, 28 छोटे पुल, 38 अंडरपास और 6 फ्लाईओवर बनाए गए हैं। एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 62.764 किलोमीटर है। इसे फिलहाल छह लेन में तैयार किया गया है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। परियोजना का निर्माण ईपीसी मॉडल के तहत किया गया है और इसका स्वामित्व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पास रहेगा।

उन्नाव में भी हुआ बड़ा निवेश

एक्सप्रेसवे के निर्माण में उन्नाव जिले के हिस्से पर लगभग 1600 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मार्च 2022 में निर्माण कार्य के लिए पीएनसी इंफ्राटेक को दोनों पैकेजों के अनुबंध दिए गए थे।

उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में

उद्घाटन समारोह को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कार्यक्रम स्थल और हेलीपैड पर बारिश का पानी भर जाने के कारण वहां मिट्टी डालकर ईंटें बिछाई जा रही हैं। इसके लिए करीब 50 डंपर और 10 बुलडोजर लगाए गए हैं। बंथर औद्योगिक क्षेत्र से मिट्टी लाकर हेलीपैड और कार्यक्रम स्थल को तैयार किया जा रहा है।

 

vineet verma

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