नई दिल्ली: श्रावण पूर्णिमा के दिन 28 अगस्त को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। रक्षाबंधन के साथ पड़ रहे इस खगोलीय घटनाक्रम को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा और क्या इस दौरान सूतक काल मान्य रहेगा। इस बार लगने वाला ग्रहण आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, लेकिन भारत में इसके दिखाई न देने के कारण धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल प्रभावी नहीं माना जाएगा। ऐसे में रक्षाबंधन का पर्व सामान्य रूप से मनाया जा सकेगा।
चंद्र ग्रहण का समय क्या रहेगा?
28 अगस्त को लगने वाला साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगा। इसका आंशिक चरण सुबह 8 बजकर 4 मिनट पर आरंभ होगा। ग्रहण का चरम समय सुबह 9 बजकर 43 मिनट रहेगा, जबकि इसका समापन दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर होगा।
क्या इस बार सूतक काल मान्य होगा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है और ग्रहण समाप्त होने तक प्रभावी रहता है। इस अवधि में मंदिरों के कपाट बंद रखने और शुभ कार्यों से परहेज करने की परंपरा है।
हालांकि इस बार चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसी वजह से यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा और धार्मिक कार्यों पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं रहेगा।
भारत में क्यों नहीं दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
यह चंद्र ग्रहण सुबह के समय लग रहा है, इसलिए भारत में इसे देखा नहीं जा सकेगा। यह ग्रहण मुख्य रूप से अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका तथा प्रशांत और अटलांटिक महासागर के आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देगा।
किस राशि और नक्षत्र में लगेगा ग्रहण?
वैदिक ज्योतिष के अनुसार साल का दूसरा चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा। इस दौरान चंद्रमा राहु के साथ युति में रहेंगे और राहु के ही नक्षत्र में संचरण करेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसका प्रभाव विभिन्न राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया पर भी देखने को मिल सकता है।
क्या रक्षाबंधन पर पड़ेगा ग्रहण का असर?
श्रावण पूर्णिमा के दिन ही रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है। चंद्र ग्रहण की वजह से कई लोगों के मन में यह भ्रम है कि क्या राखी बांधने पर इसका असर पड़ेगा।
चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल लागू नहीं होगा। ऐसे में रक्षाबंधन का पर्व बिना किसी बाधा के मनाया जा सकता है। हालांकि शुभ कार्य करते समय राहुकाल का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और किन बातों का रखें ध्यान?
भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण यहां सामान्य दिनचर्या और धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं। वहीं जिन देशों में यह ग्रहण दिखाई देगा, वहां धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ सावधानियां रखने की सलाह दी जाती है।
ग्रहण के समय अपने आराध्य या चंद्र देव के मंत्रों का जप करना शुभ माना जाता है। ग्रहण से पहले दूध, दही और अन्य खाद्य पदार्थों में तुलसी दल रखने की परंपरा भी प्रचलित है। इसके अलावा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर से बाहर न निकलने और नुकीली वस्तुओं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।