Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: नेपाल में तबाही मचाने वाली भोटेकोशी नदी का बिहार से क्या है रिश्ता? तिब्बत से निकलकर ऐसे पहुंचती है गंगा तक
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > नेपाल में तबाही मचाने वाली भोटेकोशी नदी का बिहार से क्या है रिश्ता? तिब्बत से निकलकर ऐसे पहुंचती है गंगा तक
Trending Newsवर्ल्ड

नेपाल में तबाही मचाने वाली भोटेकोशी नदी का बिहार से क्या है रिश्ता? तिब्बत से निकलकर ऐसे पहुंचती है गंगा तक

vineet verma
Last updated: August 27, 2026 12:09 pm
vineet verma
Share
SHARE

नई दिल्ली: नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने भोटेकोशी नदी को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। बुधवार को नदी में आए तेज सैलाब ने नेपाल में भारी तबाही मचाई और करीब 400 लोगों के लापता होने की खबर है, जिनमें 150 भारतीय पर्यटक भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस आपदा के बाद बिहार में भी अलर्ट जारी किया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नेपाल में तबाही मचाने वाली भोटेकोशी नदी का बिहार से सीधा संबंध है? तिब्बत से निकलने वाली यह नदी नेपाल में कई धाराओं से जुड़ते हुए आगे चलकर बिहार की कोसी बन जाती है और फिर गंगा में समा जाती है।

Contents
तिब्बत के ग्लेशियर से निकलती है भोटेकोशीनेपाल में बदल जाता है नदी का नामबिहार से होते हुए गंगा में मिलती है कोसीतेज बहाव के कारण जलविद्युत के लिए अहमराफ्टिंग और बंजी जंपिंग के लिए भी मशहूरचीन सीमा तक पहुंचने वाला अहम रास्ता भी इसी घाटी में

तिब्बत के ग्लेशियर से निकलती है भोटेकोशी

भोटेकोशी नदी का उद्गम तिब्बत के शिशापांगमा पर्वत पर स्थित झांगझांगबो ग्लेशियर से होता है। तिब्बत में इसे पोइकु या बोक्शू के नाम से जाना जाता है। यहां से नदी पहाड़ी घाटियों और दर्रों से गुजरते हुए नेपाल के रसुवा और सिंधुपालचौक जिलों में प्रवेश करती है।

नेपाल पहुंचने के बाद इसे भोटेकोशी कहा जाता है। नेपाली में भोटे का अर्थ तिब्बत और कोशी का अर्थ नदी होता है। यानी भोटेकोशी का सीधा अर्थ तिब्बती नदी है। नेपाल में आज भी कुछ लोग तिब्बत के लिए भोटे शब्द का इस्तेमाल करते हैं।

नेपाल में बदल जाता है नदी का नाम

नेपाल में बहते हुए सिंधुपालचौक जिले के बार्हबिसे के पास भोटेकोशी आगे चलकर सुनकोशी के नाम से जानी जाती है। इसके बाद सुनकोशी, अरुण और तमोर जैसी प्रमुख नदियां आपस में मिलती हैं। इन तीनों नदियों के संगम से सप्तकोशी का निर्माण होता है।

सप्तकोशी आगे नेपाल के हनुमाननगर और कोसी बैराज क्षेत्र से होकर भारत में प्रवेश करती है। बिहार में पहुंचने के बाद इसे आमतौर पर कोसी नदी के नाम से जाना जाता है।

बिहार से होते हुए गंगा में मिलती है कोसी

नेपाल से भारत में प्रवेश करने के बाद कोसी नदी बिहार के बड़े हिस्से से होकर गुजरती है। अपने उग्र रूप और बार-बार आने वाली बाढ़ के कारण इसे लंबे समय से बिहार का शोक कहा जाता रहा है।

कोसी आगे बढ़ते हुए बिहार के कटिहार जिले में गंगा नदी में मिल जाती है। इस तरह तिब्बत के ग्लेशियर से शुरू होने वाली भोटेकोशी का जल तंत्र नेपाल से होते हुए बिहार तक पहुंचता है और अंत में गंगा का हिस्सा बन जाता है।

तेज बहाव के कारण जलविद्युत के लिए अहम

भोटेकोशी का इलाका बेहद खड़ी ढलानों और पहाड़ी भूभाग से होकर गुजरता है। इसी वजह से नदी का बहाव काफी तेज रहता है। नदी की इस भौगोलिक विशेषता का इस्तेमाल नेपाल में जलविद्युत उत्पादन के लिए भी किया गया है।

भोटेकोशी हाइड्रोपावर परियोजना समेत कई जलविद्युत परियोजनाएं इसी नदी क्षेत्र में स्थित हैं। बिजली उत्पादन के लिहाज से यह नदी नेपाल के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

राफ्टिंग और बंजी जंपिंग के लिए भी मशहूर

भोटेकोशी सिर्फ बिजली उत्पादन के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है। इसकी तेज धारा और पहाड़ी घाटियां इसे साहसिक पर्यटन के लिए भी खास बनाती हैं। नदी में व्हाइट-वॉटर राफ्टिंग और कायाकिंग जैसी गतिविधियां काफी लोकप्रिय हैं।

इसके अलावा भोटेकोशी घाटी में बंजी जंपिंग भी पर्यटकों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। इन गतिविधियों के लिए हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक नेपाल पहुंचते हैं।

चीन सीमा तक पहुंचने वाला अहम रास्ता भी इसी घाटी में

भोटेकोशी नदी की घाटी नेपाल के लिए व्यापारिक और रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। काठमांडू को चीन के तिब्बत क्षेत्र से जोड़ने वाला प्रमुख जमीनी मार्ग अरनिको हाईवे इसी नदी घाटी से होकर गुजरता है।

यही वजह है कि भोटेकोशी का महत्व सिर्फ प्राकृतिक जलधारा तक सीमित नहीं है। यह नेपाल के बिजली उत्पादन, पर्यटन और चीन के साथ जमीनी संपर्क के लिहाज से भी अहम भूमिका निभाती है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Bhotekoshi River, Bhotekoshi River Bihar, Bhotekoshi River Origin, Kosi River Bihar, Nepal Flash Flood, Nepal Flood, कोसी नदी गंगा में कहां मिलती है, कोसी नदी बिहार, नेपाल तिब्बत नदी, नेपाल बाढ़, भोटेकोशी नदी, भोटेकोशी नदी कहां से निकलती है, भोटेकोशी नदी बिहार संबंध, भोटेकोशी फ्लैश फ्लड, सप्तकोशी नदी
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article नेपाल में आखिर कैसे आई महाप्रलयकारी बाढ़? ISRO और अमेरिका की रिपोर्ट में बड़ा अंतर, भूकंप पर छिड़ी बहस

फीचर

View More

चार साल की तपस्या, अनगिनत रातें और बदले में सिर्फ 464 रुपये! UPSC छोड़ने के बाद कबाड़ी को बेचीं किताबें, भावुक कर देगी अभ्यर्थी की कहानी

नई दिल्ली: यूपीएससी की तैयारी करने वालों के लिए किताबें सिर्फ कागज का ढेर नहीं होतीं। हर किताब के साथ…

By vineet verma 7 Min Read

खट से स्कैन, फट से पेमेंट! 10 साल का हुआ UPI, जानिए कैसे चंद सेकेंड में बैंक से बैंक पहुंचता है पैसा

नई दिल्ली: मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन किया, यूपीआई पिन डाला और…

5 Min Read

एक बार जोड़ी बनी तो जिंदगीभर साथ! प्यार और वफादारी की मिसाल है ये खूबसूरत पक्षी, जानें क्यों है इतना खास

लखनऊ: दुनिया में कई पक्षी अपनी खास खूबियों के लिए पहचाने जाते…

3 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsवर्ल्ड

नेपाल में आखिर कैसे आई महाप्रलयकारी बाढ़? ISRO और अमेरिका की रिपोर्ट में बड़ा अंतर, भूकंप पर छिड़ी बहस

नई दिल्ली: नेपाल के रसुवा जिले और नेपाल-चीन सीमा से लगे इलाकों में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही…

5 Min Read
Trending Newsराज्य

बिहार-MP समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, आंधी-बिजली भी बढ़ाएगी आफत; जानें आज कहां बरसेंगे बादल

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने गुरुवार को बिहार, झारखंड,…

4 Min Read
Trending Newsसियासी

सहारनपुर में अखिलेश यादव की रैली टली, मौसम या सियासी दबाव? RLD के दावे ने बढ़ाई पश्चिमी यूपी की हलचल

सहारनपुर में 6 सितंबर को प्रस्तावित समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की रैली स्थगित होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश…

5 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

गाजा पर इजरायल की नीति को ‘अस्वीकार्य’ बताया, हमास के निरस्त्रीकरण की योजना पर भी संकट

न्यूयॉर्क। गाजा में युद्धविराम के बाद शांति और पुनर्निर्माण की कोशिशों को बड़ा झटका लगता दिखाई दे रहा है। अमेरिका…

6 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?