नई दिल्ली: सदी के महानायक अमिताभ बच्चन हाल ही में 84 साल के हो गए हैं, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका काम के प्रति जुनून कम नहीं हुआ है। करीब छह दशक से दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता ने रिटायरमेंट को लेकर साफ कहा है कि अभी उनका काम छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर लोग उन्हें काम से दूर क्यों देखना चाहते हैं।
जन्मदिन को लेकर बोले- यह भी एक सामान्य दिन
अमिताभ बच्चन ने एक बातचीत में अपने जन्मदिन और जिंदगी को लेकर कई बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि जन्मदिन को लेकर किसी बड़े जश्न की जरूरत नहीं होती। उनके लिए यह भी बाकी दिनों की तरह ही एक दिन है।
अभिनेता ने कहा कि वह इस बात के लिए आभारी हैं कि आज भी काम कर रहे हैं और उनका शरीर उनकी इच्छाशक्ति का साथ दे रहा है। उन्होंने अपने लंबे सफर को जीवन का एक बड़ा अनुभव बताया।
कुली हादसे के बाद बदल गया जिंदगी को देखने का नजरिया
अमिताभ बच्चन ने अपने पिता और प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन से जुड़ी एक भावुक याद भी साझा की। उन्होंने बताया कि परिवार में जन्मदिन के मौके पर उनके पिता कविता सुनाया करते थे।
अभिनेता के मुताबिक, 1982 में फिल्म कुली की शूटिंग के दौरान हुए जानलेवा हादसे के बाद इस परंपरा का उनके जीवन में अलग महत्व हो गया। उन्होंने बताया कि 1984 में उनके जन्मदिन पर पिता हरिवंश राय बच्चन ने कविता सुनाई थी और उस दौरान वह भावुक होकर रो पड़े थे।
अमिताभ ने कहा कि उन्होंने अपने पिता को इस तरह भावुक होते हुए केवल एक बार देखा था। उनके लिए वह पल दोबारा जीवन मिलने जैसा था।
‘लोग मुझे काम से रिटायर क्यों कराना चाहते हैं?’
रिटायरमेंट के सवाल पर अमिताभ बच्चन ने कहा कि उन्हें काम छोड़ने के बारे में सोचने की जरूरत क्यों है। उन्होंने कहा कि लोग उन्हें रिटायर कराने के लिए इतने उत्सुक क्यों हैं।
उन्होंने अपनी जिंदगी के मुश्किल दौर को याद करते हुए कहा कि वह मौत के बेहद करीब पहुंच चुके हैं और फिर वहां से वापस लौटे हैं। अभिनेता का मानना है कि कोई अदृश्य शक्ति हमेशा उनकी रक्षा करती रही है।
राजनीति से वापसी के बाद कभी नहीं सोचा रिटायरमेंट
अमिताभ बच्चन ने 1984 में राजनीति में कदम रखा था और कुछ समय के लिए फिल्मों से दूरी बना ली थी। हालांकि, राजनीति छोड़ने के बाद उन्होंने दोबारा अपने करियर को नई दिशा दी और फिल्मों के साथ टेलीविजन में भी सक्रिय बने रहे।
आज भी वह लगातार काम कर रहे हैं और लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति के 18वें सीजन की मेजबानी कर रहे हैं।
सफलता के बावजूद खुद को मानते हैं वित्तीय मामलों में कमजोर
अपने लंबे करियर और सफलता पर बात करते हुए अमिताभ बच्चन ने कहा कि उन्हें कभी यह समझ नहीं आया कि क्या बिकता है और खुद को बाजार में कैसे पेश किया जाता है।
उन्होंने कहा कि वह अर्थशास्त्र और वित्तीय मामलों में अच्छे नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने अपने करियर के अलग-अलग दौर और निभाए गए किरदारों को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना।
अमिताभ बच्चन ने 1970 और 1980 के दशक में यश चोपड़ा, ऋषिकेश मुखर्जी और मनमोहन देसाई जैसे दिग्गज निर्देशकों के साथ काम किया। इसके बाद भी उन्होंने नई पीढ़ी के फिल्मकारों के साथ काम करना जारी रखा।
निर्देशक बनने का कभी नहीं आया ख्याल
अभिनय के अलावा निर्माता के तौर पर काम कर चुके अमिताभ बच्चन ने कहा कि निर्देशन उनके लिए कभी सपना नहीं रहा। उन्होंने माना कि उन्हें निर्देशन की कला की उतनी समझ नहीं है।
उन्होंने बताया कि वह अपने निर्देशकों को सुझाव जरूर देते हैं, लेकिन अंतिम फैसला हमेशा निर्देशक का होता है। उनके मुताबिक, ज्यादातर निर्देशक उनके सुझावों को स्वीकार नहीं करते और अच्छी बात यह है कि उनकी फिल्में सफल भी होती हैं।
अमिताभ ने कहा कि वह कभी मुश्किल अभिनेता नहीं रहे और उनके लिए निर्देशक ही फिल्म का कप्तान होता है।
आज भी अधूरी हैं ये ख्वाहिशें
करीब 60 साल के फिल्मी सफर में कई उपलब्धियां हासिल करने वाले अमिताभ बच्चन ने बताया कि उनकी कुछ इच्छाएं अब भी अधूरी हैं।
उन्होंने कहा कि वह पियानो बजाना सीखना चाहते हैं, गुरु दत्त के साथ काम करने की इच्छा थी और परिवार के साथ ज्यादा समय बिताना चाहते हैं।