रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जेल से रिहाई के कुछ ही मिनट बाद नया घटनाक्रम सामने आ गया। रामपुर जिला जेल से बाहर निकलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया और अपने साथ लेकर रवाना हो गई। इस दौरान जेल के बाहर मौजूद समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। आजम खान के साथ ही उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को भी दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन पिता की रिहाई के तुरंत बाद हुई ईडी की कार्रवाई ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया।
आजम खान और अब्दुल्ला आजम की रिहाई की खबर मिलते ही शनिवार सुबह से ही रामपुर जेल के बाहर समर्थकों की भीड़ जुटने लगी थी। संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही जेल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में जवान तैनात कर दिए थे। आसपास के इलाके में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी। इसी बीच ईडी की टीम जेल पहुंची और आजम खान के बाहर आते ही उन्हें हिरासत में ले लिया। टीम को उन्हें अपने साथ ले जाते देखकर समर्थकों ने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। दूसरी ओर अब्दुल्ला आजम अपने घर के लिए रवाना हो गए।
दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट से मिली थी जमानत
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दो पैन कार्ड रखने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली थी। दोनों की जमानत के बाद शुक्रवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रिहाई के परवाने जारी कर दिए थे। जमानत की जरूरी शर्तें पूरी होने के बाद ये परवाने जेल प्रशासन तक पहुंचाए गए, जिसके बाद दोनों की रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
इससे पहले हाईकोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और अंतरिम जमानत से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जमानत मिलने की खबर के बाद से ही परिवार के करीबी और समर्थक जेल से बाहर आने का इंतजार कर रहे थे।
रिहाई के इंतजार के बीच जेल पहुंच गई थी ईडी की टीम
आजम खान की रिहाई की प्रक्रिया चल रही थी, इसी दौरान ईडी की एक टीम रामपुर जिला जेल पहुंच गई। जैसे ही आजम खान जेल से बाहर आए, टीम ने उन्हें हिरासत में लिया और अपने साथ लेकर रवाना हो गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से जेल के बाहर मौजूद समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली और उन्होंने ईडी के खिलाफ नारेबाजी की।
समाजवादी पार्टी के नेता को हिरासत में लिए जाने के दौरान पुलिस पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था संभाले हुए थी। वहीं, अब्दुल्ला आजम को रिहाई के बाद घर जाने की अनुमति मिली और वह अपने घर के लिए रवाना हो गए।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी की तैयारी, गाजियाबाद कोर्ट में पेशी की चर्चा
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने शनिवार को रामपुर जेल के बाहर से आजम खान को हिरासत में लिया। उस समय वह कथित पैन कार्ड धोखाधड़ी से जुड़े मामले में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आ रहे थे।
अधिकारियों के अनुसार, 78 वर्षीय आजम खान को जल्द ही धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके बाद उन्हें गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है। बताया गया है कि ईडी अदालत से उनकी हिरासत की मांग कर सकती है। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है और इसकी जांच के तहत एजेंसी ने यह कार्रवाई की है।
‘सच साबित नहीं कर सका, क्योंकि मेरा नाम अब्दुल्ला है’, बेटे ने बयां किया दर्द
आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान ने भी अपनी रिहाई के बाद अपनी कानूनी लड़ाई और बीते वर्षों के अनुभवों को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनके पास अपने जन्म से जुड़े वीडियो सबूत, अस्पताल के रिकॉर्ड और उनकी मां के प्रसूति अवकाश के दस्तावेज तक मौजूद हैं। इसके बावजूद पिछले सात साल से उन्हें सजा भुगतनी पड़ रही है।
अब्दुल्ला ने कहा कि उन पर जन्म की गलत तारीख को ठीक करने का आरोप लगाया गया और वह अपने पास मौजूद दस्तावेजों के बावजूद सच साबित नहीं कर सके। उन्होंने कहा, “मैं इस सच को साबित नहीं कर सका, सिर्फ इसलिए क्योंकि मेरा नाम अब्दुल्ला है।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर उनका नाम अब्दुल्ला नहीं होता तो शायद वह अपना पक्ष साबित कर पाते। अब्दुल्ला ने आजम खान के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पिता दस बार विधायक और दो बार सांसद रहे हैं। उनकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने रामपुर में बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल बनवाए और विश्वविद्यालय का सपना देखा।
अब्दुल्ला के मुताबिक, रामपुर में कभी साक्षरता दर महज 22 प्रतिशत थी और उनके पिता इस स्थिति को बदलना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान को अपने इसी सपने की वजह से सजा भुगतनी पड़ी और उन्हें अपने नाम की वजह से परेशानी झेलनी पड़ी।
‘कल टीवी या फ्रिज चोरी के आरोप में फिर सजा हो सकती है’, अब्दुल्ला का तंज
ईडी की कार्रवाई को लेकर सवाल पूछे जाने पर अब्दुल्ला आजम खान ने तंज भरे अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कोई कुछ भी कह सकता है, लेकिन उनके मुताबिक असल सच्चाई यही है कि वे अपनी कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
अब्दुल्ला ने कहा कि वे जमानत की प्रक्रिया पूरी कर लेंगे, लेकिन संभव है कि अगले दिन आजम खान पर किसी टीवी या फ्रिज की चोरी का आरोप लगाकर उन्हें फिर दस साल की सजा सुना दी जाए। उन्होंने कहा कि वे लगातार कानूनी रास्ते से अपनी लड़ाई लड़ते रहे हैं और आगे भी यही करेंगे।
आजम खान की रिहाई के तुरंत बाद ईडी की हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई और अब्दुल्ला आजम के बयानों ने इस मामले को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।