नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन ने शनिवार को दिल्ली में ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित किया। कांग्रेस की अगुवाई में हुए इस कार्यक्रम में विपक्षी दलों के कई नेता, आरटीआई कार्यकर्ता और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को अपना पहला निशाना बताते हुए कहा कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर नहीं टिक पाएंगे। राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए।
राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम हटाए जाने का असर चुनावी नतीजों पर पड़ा है। अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष के सामने संस्थागत रास्ते बंद होने की बात भी कही और अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि देश में राजनीतिक हालात बदल रहे हैं।
‘2024 का लोकसभा चुनाव अवैध था’, राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग खुद स्वीकार कर रहा है कि लोकसभा चुनाव में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे। राहुल के मुताबिक, करीब 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए, जो हर सात भारतीयों में से एक के बराबर हैं। उन्होंने इसे देश के कुल मतदाताओं का करीब 15 प्रतिशत बताया।
राहुल गांधी ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में विपक्ष और चुनाव जीतने वालों के बीच मतों का अंतर लगभग तीन प्रतिशत था। उनका तर्क था कि जब 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए जाने की बात सामने आ रही है, तो चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्रवाई से 2024 के लोकसभा चुनाव की वैधता प्रभावित हुई है। राहुल गांधी ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों की जीत भी सवालों के घेरे में आती है। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर उसका पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
‘हमारे लिए हर संस्था के दरवाजे बंद हैं’, राहुल ने बताई विपक्ष की परेशानी
राहुल गांधी ने जन महाभियोग कार्यक्रम के आयोजन के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग जैसे मुद्दे पर चर्चा करने के लिए पूरे विपक्ष को खुले मैदान में बैठना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, विपक्ष के पास इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।
राहुल ने कहा कि विपक्ष के लिए हर संस्था के दरवाजे बंद हैं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने नहीं रह पाएंगे। राहुल ने यह भी कहा कि अगर उनके खुलासों के बावजूद भाजपा उन्हें पद पर बनाए रखने पर अड़ी रहती है, तो इससे सरकार की मंशा को लेकर सवाल और गहरे होंगे।
भाजपा पर चुनावों में गड़बड़ी कराने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश की जनता और विपक्ष के सदस्य ऐसी कथित धांधली को न तो माफ करेंगे और न ही भूलेंगे।
अधिकारियों को चेतावनी, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग
अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने सरकारी अधिकारियों को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि देश में हालात बदल रहे हैं और राजनीति में एक नया हथियार सामने आया है, जो अधिकारियों को नुकसान पहुंचा सकता है।
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए और उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए।
क्या है इंडिया गठबंधन का ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम?
दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। कांग्रेस के नेतृत्व में हुए आयोजन में विपक्षी दलों के नेताओं के साथ आरटीआई कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर विपक्ष की आपत्तियां रहीं। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में इन मुद्दों को उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और अधिकारियों को भी अपने फैसलों तथा कार्यप्रणाली को लेकर चेताया।