Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: पत्नी का प्रेम प्रसंग, नीला ड्रम और 590 दिन का इंतजार… सौरभ राजपूत हत्याकांड में कैसे मुस्कान-साहिल को मिली फांसी?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Latest News > पत्नी का प्रेम प्रसंग, नीला ड्रम और 590 दिन का इंतजार… सौरभ राजपूत हत्याकांड में कैसे मुस्कान-साहिल को मिली फांसी?
Latest Newsफीचर

पत्नी का प्रेम प्रसंग, नीला ड्रम और 590 दिन का इंतजार… सौरभ राजपूत हत्याकांड में कैसे मुस्कान-साहिल को मिली फांसी?

vineet verma
Last updated: October 15, 2026 12:04 am
vineet verma
Share
SHARE

मेरठ: मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में सौरभ राजपूत की हत्या से लेकर अदालत के फैसले तक की कहानी कई चौंकाने वाले मोड़ों से गुजरी। पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को 14 अक्टूबर 2026 को अदालत ने मौत की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 3 मार्च 2025 को सौरभ की हत्या करने के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में सीमेंट व रेत के साथ छिपा दिया गया। करीब 590 दिन के घटनाक्रम, 126 सुनवाइयों और 22 गवाहों के बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। हालांकि, मौत की सजा पर अंतिम फैसला कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

Contents
2016 में हुई थी सौरभ और मुस्कान की लव मैरिज3 मार्च 2025: खाने में नशीली दवा मिलाकर की गई हत्याहत्या के बाद शिमला-मनाली घूमने निकल गए दोनों18 मार्च 2025: नीले ड्रम से खुला हत्या का राज126 सुनवाई, 22 गवाह और अदालत में पेश किए गए सबूत14 अक्टूबर को सुनाई गई फांसी की सजासजा सुनाने वाले जज कौन हैं?फांसी की सजा के बाद अब क्या होगा?590 दिन में हत्या से सजा तक पहुंचा मामला

2016 में हुई थी सौरभ और मुस्कान की लव मैरिज

इस कहानी की शुरुआत करीब एक दशक पहले हुई थी। साल 2016 में मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत और मुस्कान रस्तोगी ने प्रेम विवाह किया था। 2019 में दोनों के घर बेटी का जन्म हुआ। बाद में बेटी अपने नाना-नानी के पास रहने लगी।

इसी दौरान मुस्कान की नजदीकियां उसके स्कूल के पुराने सहपाठी साहिल शुक्ला से बढ़ गईं। सौरभ काम के सिलसिले में लंदन चले गए थे। फरवरी 2025 में वह पत्नी और बेटी का जन्मदिन मनाने मेरठ लौटे। बताया जाता है कि 24 फरवरी को घर पहुंचने के बाद उन्हें मुस्कान और साहिल के संबंधों के बारे में पता चला। इसके बाद घर में विवाद होने लगा।

3 मार्च 2025: खाने में नशीली दवा मिलाकर की गई हत्या

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मुस्कान और साहिल ने सौरभ की हत्या की साजिश रची। 3 मार्च 2025 की रात मुस्कान ने सौरभ के खाने में बेहोशी की दवा मिला दी। सौरभ के बेहोश होने के बाद साहिल ने उनका हाथ पकड़ा और मुस्कान ने चाकू से कई वार किए। इससे सौरभ की मौत हो गई।

इसके बाद दोनों शव को बाथरूम में ले गए और उसके पांच टुकड़े कर दिए। शव के टुकड़ों को एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में रखा गया। फिर ड्रम में सीमेंट और रेत भरकर उसे बंद कर दिया गया। घर में हत्या के निशान मिटाने की भी कोशिश की गई, ताकि वारदात का पता न चल सके।

हत्या के बाद शिमला-मनाली घूमने निकल गए दोनों

सौरभ की हत्या के बाद किसी को शक न हो, इसके लिए मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश के शिमला और मनाली घूमने चले गए। इस दौरान मुस्कान सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करती रही। मामले से जुड़े विवरणों के मुताबिक, उसने करीब 13 दिनों तक इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए। इससे सामान्य दिनचर्या का आभास देने की कोशिश की गई, लेकिन घर में छिपा राज ज्यादा समय तक सामने आने से नहीं बच सका।

18 मार्च 2025: नीले ड्रम से खुला हत्या का राज

18 मार्च 2025 को सौरभ का छोटा भाई राहुल उनके घर पहुंचा। वहां मुस्कान के साथ साहिल भी मौजूद था। राहुल ने जब सौरभ के बारे में पूछा तो मुस्कान संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। घर से दुर्गंध भी आ रही थी। राहुल के शोर मचाने पर पड़ोसी जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस ने घर की तलाशी ली तो नीले ड्रम से सौरभ के शव के टुकड़े बरामद हुए। इसके बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया। शव को छिपाने के इस तरीके के कारण मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया और इसे नीला ड्रम हत्याकांड कहा जाने लगा।

126 सुनवाई, 22 गवाह और अदालत में पेश किए गए सबूत

जांच पूरी होने के बाद मामले की सुनवाई अदालत में शुरू हुई। इस दौरान कुल 126 सुनवाइयां हुईं और अभियोजन पक्ष ने 22 अहम गवाह पेश किए। मामले में दवा विक्रेता, ड्रम और सीमेंट बेचने वाले दुकानदारों से जुड़ी जानकारी, कैब चालक के बयान और होटल के रिकॉर्ड जैसे साक्ष्यों को भी अदालत के सामने रखा गया।

अभियोजन पक्ष ने इन साक्ष्यों के आधार पर हत्या की साजिश और सबूत छिपाने की कोशिश से जुड़ी घटनाओं को अदालत में पेश किया। 30 सितंबर 2026 को मेरठ के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या और साक्ष्य छिपाने के मामले में दोषी करार दिया।

14 अक्टूबर को सुनाई गई फांसी की सजा

दोषी करार दिए जाने के बाद 14 अक्टूबर 2026 को अदालत ने दोनों को मौत की सजा सुनाई। फैसला सुनाए जाने के दौरान मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया था। सजा सुनकर दोनों के रोने की बात सामने आई।

अदालत में मुस्कान से सजा के बारे में पूछे जाने पर उसने अपनी बच्चियों का ख्याल रखने की बात कही। साहिल ने इस सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया। फैसले के बाद सौरभ की मां भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया है।

सजा सुनाने वाले जज कौन हैं?

मुस्कान और साहिल को सजा सुनाने वाले मेरठ के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा-II का जन्म 2 जुलाई 1971 को उत्तर प्रदेश के मऊ में हुआ था। उन्होंने बीए, एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई की है। उन्होंने 31 मई 2003 को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के रूप में न्यायिक सेवा शुरू की थी।

करीब 23 साल के न्यायिक अनुभव के दौरान वह गाजीपुर, अलीगढ़, गोरखपुर, कानपुर और मिर्जापुर समेत कई जिलों में तैनात रहे। नवंबर 2024 में वह मिर्जापुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश बने और 21 मई 2026 से मेरठ में तैनात हैं।

फांसी की सजा के बाद अब क्या होगा?

मौत की सजा सुनाए जाने के बाद भी दोषियों को तुरंत फांसी नहीं दी जाती। ऐसे मामलों में सजा की पुष्टि हाई कोर्ट से कराना जरूरी होता है। इसके बाद दोषियों के पास सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का विकल्प भी हो सकता है। कानून के तहत उपलब्ध अन्य राहतों की मांग भी की जा सकती है। यदि मौत की सजा अंतिम रूप से बरकरार रहती है, तो राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दाखिल करने का विकल्प भी उपलब्ध होता है।

जिला शासकीय अधिवक्ता केके चौबे के मुताबिक, फैसले को हाई कोर्ट में पुष्टि के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। अपील और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में दो से तीन साल या उससे अधिक समय भी लग सकता है। इस दौरान उच्च अदालतें सजा में बदलाव कर सकती हैं। इसलिए फांसी की सजा सुनाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि दोषियों को तुरंत फांसी दे दी जाएगी।

590 दिन में हत्या से सजा तक पहुंचा मामला

सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी और 18 मार्च को नीले ड्रम से शव मिलने के बाद वारदात का खुलासा हुआ। जांच, गिरफ्तारी और अदालत में सुनवाई के बाद 30 सितंबर 2026 को मुस्कान और साहिल दोषी करार दिए गए। 14 अक्टूबर को दोनों को मौत की सजा सुनाई गई।

करीब 590 दिन के इस घटनाक्रम में प्रेम संबंध, हत्या की साजिश, शव छिपाने की कोशिश और सबूतों के आधार पर चली लंबी सुनवाई अहम पड़ाव रहे। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: 126 सुनवाई, Meerut Blue Drum Murder Case, Muskan Rastogi, Saurabh Rajput Murder Case, नीला ड्रम कांड की पूरी कहानी, फांसी की सजा, मुस्कान रस्तोगी, मेरठ नीला ड्रम केस, मेरठ हत्याकांड, साहिल शुक्ला, सौरभ राजपूत मर्डर केस, सौरभ राजपूत हत्याकांड
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article तीन दोषियों को उम्रकैद, फिर भी इंसाफ अधूरा क्यों? इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता-पिता, राहुल-प्रियंका भी पहुंचे

फीचर

View More

Rahul Gandhi High Tea: एक चाय पार्टी से हिल गई थी वाजपेयी सरकार! जब सोनिया गांधी और जयललिता की मुलाकात ने बदल दिए थे सियासी समीकरण

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में चाय की मेज पर होने वाली मुलाकातें कभी-कभी बड़े सियासी संदेश देती हैं। कांग्रेस नेता…

By news desk 8 Min Read

अन्ना से पहलवानों तक… क्यों हर बड़े आंदोलन की पहली पसंद रहा जंतर-मंतर? अब बदले नियमों से उठे लोकतंत्र पर सवाल

नई दिल्ली: देश की राजधानी का जंतर-मंतर सिर्फ एक ऐतिहासिक धरोहर नहीं,…

9 Min Read

स्मार्टफोन की लत बनी मानसिक बीमारी: 13 साल के बच्चे का 12 घंटे गेम खेलना डराने वाला सच, जानिए कैसे करें बचाव

आज के डिजिटल दौर में बच्चों से लेकर बड़ों तक के हाथ…

4 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Latest Newsधर्म

नवरात्रि में जन्मे बच्चों को लेकर क्या कहती हैं धार्मिक मान्यताएं? जानें स्वभाव और मां दुर्गा के आशीर्वाद से जुड़ी खास बातें

नई दिल्ली: शारदीय नवरात्रि को मां दुर्गा की आराधना, शक्ति और भक्ति का विशेष पर्व माना जाता है। इन नौ…

4 Min Read
Latest Newsसेहत

थायराइड है तो खाने की इन चीजों पर दें ध्यान! न्यूट्रिशनिस्ट ने 10 फूड्स की रैंकिंग में बताया क्या खाएं और किससे बचें

नई दिल्ली: थायराइड की समस्या होने पर खानपान को लेकर अक्सर उलझन रहती है। कौन-सी चीजें डाइट में शामिल करनी…

7 Min Read
Latest Newsसेहत

गले में जमा कफ से कैसे मिलेगी राहत? डॉक्टर ने बताए 5 आसान घरेलू उपाय, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

नई दिल्ली: बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी और गले में कफ जमने की समस्या आम है। कई बार गले में…

4 Min Read
EntertainmentLatest News

‘सैयारा’ की वाणी ने कैसे जीता Gen Z का दिल? 24वें जन्मदिन पर जानिए अनीत पड्डा की कामयाबी, सादगी और निजी जिंदगी से जुड़ी कहानी

मुंबई: फिल्म ‘सैयारा’ में वाणी बत्रा बनकर दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाली अनीत पड्डा 14 अक्टूबर को अपना…

9 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?