नई दिल्ली: बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी और गले में कफ जमने की समस्या आम है। कई बार गले में बलगम इतना गाढ़ा हो जाता है कि बार-बार गला साफ करने के बावजूद राहत नहीं मिलती। इसके कारण गले में खराश, खांसी और कुछ अटका होने जैसा एहसास हो सकता है। ऐसे में कुछ आसान घरेलू उपाय बलगम को पतला करने और गले की परेशानी कम करने में मदद कर सकते हैं।
डॉ. राहुल शर्मा, डायरेक्टर- पल्मोनोलॉजी और क्रिटिकल केयर, फोर्टिस, नोएडा के मुताबिक, कुछ घरेलू तरीकों से कफ की परेशानी में राहत मिल सकती है। हालांकि, अगर बलगम लंबे समय तक बना रहे या दूसरे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो इसकी वजह जानने के लिए चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
1. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
गले में जमा कफ को पतला रखने के लिए दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। नियमित अंतराल पर पानी पीने से बलगम को बाहर निकालने में मदद मिल सकती है। गुनगुना पानी और गर्म पेय भी गले की खराश और असहजता से राहत दे सकते हैं।
2. नमक के पानी से गरारे करें
गले में खराश या जलन होने पर नमक के पानी से गरारे करना फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाएं और उससे गरारे करें। इस पानी को निगलने के बजाय बाहर निकाल दें। इससे गले की असहजता कम करने में मदद मिल सकती है।
3. शहद से खांसी में मिल सकती है राहत
खांसी और गले में जलन की परेशानी होने पर गुनगुने पानी में थोड़ा शहद मिलाकर पी सकते हैं। शहद खांसी को शांत करने में मदद कर सकता है। हालांकि, एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शहद बिल्कुल नहीं देना चाहिए।
4. कमरे में नमी बनाए रखें
शुष्क हवा गले में परेशानी बढ़ा सकती है। साफ ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करने या गर्म शॉवर से बने नम वातावरण में कुछ समय बिताने से गले को आराम मिल सकता है और बलगम ढीला होने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, उबलते पानी के बर्तन से सीधे भाप लेने से बचें। इससे त्वचा और सांस की नलियों के जलने का खतरा हो सकता है।
5. धूम्रपान, धूल और प्रदूषण से बचें
धूम्रपान, धूल और प्रदूषण गले तथा सांस की नलियों में जलन बढ़ा सकते हैं। इससे खांसी और कफ की समस्या भी बढ़ सकती है। इसलिए धुएं और धूल वाली जगहों से दूरी बनाएं और धूम्रपान से बचें।
कब कफ की समस्या में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
अगर गले में कफ दो सप्ताह से अधिक समय तक बना रहे या खांसी लगातार बढ़ती जाए, तो चिकित्सक से सलाह लें। बुखार, सीने में दर्द या बलगम में खून दिखाई देने पर भी जांच कराना जरूरी है। सांस लेने में गंभीर परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लें।