जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में 2 अक्टूबर का दिन भारत के लिए बेहद खास रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग और आर्चरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए।
बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन के बाद परवीन हुड्डा ने भी गोल्ड मेडल जीत लिया। वहीं, भारतीय महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर एशियन गेम्स में पहली बार इस इवेंट का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
परवीन हुड्डा ने जीता गोल्ड, फाइनल में 3-2 से मिली जीत
भारतीय बॉक्सर परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल में उनका मुकाबला चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन से हुआ, जिसमें परवीन ने कड़े मुकाबले में 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारतीय बॉक्सिंग टीम को एक और स्वर्ण पदक मिला।
परवीन के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने मुश्किल दौर से वापसी करते हुए एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया है। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने उज्बेकिस्तान की नबाखोर खामिदोवा को हराकर पदक पक्का किया था।
लवलीना बोरगोहेन ने जन्मदिन पर जीता गोल्ड
इससे पहले लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। लवलीना ने फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया।
2 अक्टूबर को अपना जन्मदिन मना रहीं लवलीना ने इस जीत के साथ एशियन गेम्स में पहली बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वह एमसी मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स बॉक्सिंग में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनीं। मैरी कॉम ने 2014 में यह उपलब्धि हासिल की थी।
महिला रिकर्व टीम ने रचा इतिहास
बॉक्सिंग के अलावा तीरंदाजी में भी भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। कुमकुम मोहोद, अंकिता भकत और कीर्ति की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया।
यह एशियन गेम्स में महिला रिकर्व टीम इवेंट में भारत का पहला गोल्ड मेडल है। भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
पुरुष रिकर्व टीम को सिल्वर
भारतीय पुरुष रिकर्व टीम भी गोल्ड के करीब पहुंची, लेकिन फाइनल में दक्षिण कोरिया से हार गई। भारत को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। यह लगातार दूसरी बार है जब एशियन गेम्स के इस इवेंट में भारत ने रजत पदक जीता है।
मिश्रित रिकर्व टीम ने भी जीता सिल्वर
मिक्स्ड टीम रिकर्व इवेंट में भी भारत को रजत पदक मिला। धीरज और कुमकुम मोहोद की जोड़ी ने फाइनल में चीन का सामना किया। चीन ने मुकाबला 5-3 से अपने नाम कर गोल्ड जीता, जबकि भारत को सिल्वर मिला।
यह मिक्स्ड टीम इवेंट में एशियन गेम्स का भारत का पहला पदक है।
सुजीत कलकल ने फाइनल में बनाई जगह
कुश्ती में भारत के सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर पदक पक्का कर लिया। उन्होंने सेमीफाइनल में जापान के ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियूका को हराया।
इससे पहले सुजीत ने क्वार्टर फाइनल में ईरान के पहलवान को 10-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था।
भारत की नजरें अब हॉकी के गोल्ड पर
एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम भी गोल्ड मेडल के लिए मैदान में उतरेगी। भारत का सामना फाइनल में मेजबान चीन से होना है। इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों की कुश्ती, बॉक्सिंग और अन्य स्पर्धाओं में भी पदक की उम्मीदें बनी हुई हैं। 2 अक्टूबर को भारत के लिए बॉक्सिंग, आर्चरी और हॉकी प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं।
Asian Games 2026: भारत के लिए क्यों खास रहा 2 अक्टूबर?
लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा के गोल्ड तथा महिला रिकर्व टीम के ऐतिहासिक स्वर्ण ने भारत के अभियान को मजबूती दी है। खास तौर पर महिला रिकर्व टीम का पहला एशियन गेम्स गोल्ड और लवलीना का जन्मदिन पर स्वर्ण पदक दिन के बड़े आकर्षण रहे।