नई दिल्ली: शरीर को आयोडीन की जरूरत भले ही कम मात्रा में होती है, लेकिन यह खनिज सेहत के लिए बेहद जरूरी है। आयोडीन थायराइड हार्मोन बनाने में मदद करता है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा के इस्तेमाल, विकास और कई जरूरी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। खासतौर पर बच्चों के दिमागी विकास और गर्भावस्था के दौरान शरीर में पर्याप्त आयोडीन होना महत्वपूर्ण माना जाता है।
थायराइड के लिए क्यों जरूरी है आयोडीन
आयोडीन का सबसे अहम काम थायराइड हार्मोन के निर्माण में मदद करना है। ये हार्मोन शरीर में ऊर्जा के इस्तेमाल और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने के साथ सामान्य शारीरिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बच्चों में पर्याप्त आयोडीन दिमाग के विकास और सीखने-समझने की क्षमता के लिए जरूरी होता है। गर्भावस्था के दौरान इसकी कमी भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकती है।
थकान और वजन बढ़ना भी हो सकता है संकेत
लंबे समय तक शरीर में आयोडीन की कमी रहने पर थायराइड ग्रंथि बढ़ सकती है, जिसे घेंघा कहा जाता है। थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम होने पर थकान, वजन बढ़ना और सामान्य से ज्यादा ठंड महसूस होने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। बच्चों में इसकी कमी विकास और मानसिक क्षमता को प्रभावित कर सकती है। एकाग्रता और याददाश्त से जुड़ी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं।
आयोडीन की कमी पूरी करने के लिए ये 5 चीजें खाएं
आयोडीन की कमी से बचने के लिए आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल सबसे आसान तरीका माना जाता है। हालांकि, नमक की मात्रा जरूरत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। रोजाना के भोजन में सामान्य नमक की जगह आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है।
समुद्री खाद्य पदार्थ भी आयोडीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। मछली और समुद्री शैवाल में आयोडीन पाया जाता है। इसके अलावा दूध, दही और चीज जैसे डेयरी उत्पाद भी शरीर की आयोडीन जरूरत पूरी करने में मदद कर सकते हैं।
अंडा भी आयोडीन का एक स्रोत है और इसमें प्रोटीन भी पाया जाता है। वहीं, आलू में भी कुछ मात्रा में आयोडीन मौजूद होता है। इसलिए संतुलित खानपान के साथ इन खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल किया जा सकता है।