उत्तर प्रदेश में बारिश के बाद सड़कों की बदहाल तस्वीरों ने एक बार फिर सरकार और विपक्ष के बीच सियासी टकराव बढ़ा दिया है। एक्सप्रेसवे, हाईवे और प्रमुख सड़कों पर गड्ढों और जलभराव की तस्वीरें सामने आने के बाद विपक्ष ने योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं। इसी बीच डिप्टी सीएम और लोक निर्माण विभाग के मंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक बयान ने विवाद को और हवा दे दी है।
केशव मौर्य ने सड़क के धंसने को लेकर कहा कि “सड़क बनेगी तो धंसेगी और धंसेगी तो बनेगी।” उनके इस बयान के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
4,400 करोड़ की परियोजना पर उठे सवाल
विवाद का केंद्र अयोध्या से चित्रकूट तक बन रहा करीब 210 किलोमीटर लंबा राम वनगमन पथ भी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 4,400 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य भगवान राम के वनवास से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को सड़क मार्ग से जोड़ना और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।
परियोजना के तहत प्रयागराज के नवाबगंज स्थित श्रृंगवेरपुर धाम में सड़क और पुल का निर्माण भी कराया गया है। लेकिन निर्माण के दौरान ही सड़क के कुछ हिस्सों में दरारें और धंसने की शिकायतें सामने आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
बारिश में सड़कों की तस्वीरों ने बढ़ाई सरकार की मुश्किल
राम वनगमन पथ के अलावा यूपी के कई हिस्सों में बारिश के बाद सड़कों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठे हैं। दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, लखनऊ के चिनहट इलाके, आईटी चौराहे और उन्नाव के पास गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं।
विपक्ष का आरोप है कि करोड़ों-अरबों रुपये खर्च करने के बावजूद बारिश शुरू होते ही सड़कों की गुणवत्ता की पोल खुल रही है।
सुप्रिया श्रीनेत ने साधा निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केशव मौर्य के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि करीब 4,400 करोड़ रुपये की परियोजना बारिश में धंस रही है और सरकार इस पर जवाबदेही तय करने के बजाय सफाई दे रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सड़क दोबारा बनेगी तो फिर कमीशन खाने का मौका मिलेगा।
अखिलेश यादव ने कसा तंज
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी केशव मौर्य के बयान को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि “ये सड़क के बारे में बात कर रहे हैं या अपनी सरकार के भविष्य के बारे में?” अखिलेश ने आगे कहा कि फिर डांटे जाएंगे डिप्टी।
अजय राय ने भी सरकार को घेरा
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी सड़क और पुल निर्माण को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जगह-जगह सड़कें बनने के कुछ ही समय बाद धंस रही हैं। अजय राय ने गंगा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है और आने वाले समय में जनता सरकार को जवाब देगी।
बयान से बढ़ी सियासी गर्मी
फिलहाल सड़क निर्माण की गुणवत्ता और बारिश से हुए नुकसान को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। एक तरफ सरकार की ओर से निर्माण कार्यों में खामी मिलने पर कार्रवाई की बात कही जा रही है, वहीं विपक्ष इसे सरकारी निर्माण और भ्रष्टाचार का मुद्दा बनाकर योगी सरकार को घेर रहा है।
अब सवाल यह है कि बारिश के बाद धंसती सड़कों की जिम्मेदारी आखिर किसकी तय होगी? और क्या करोड़ों रुपये की परियोजनाओं में निर्माण की गुणवत्ता की जांच सड़क खराब होने के बाद ही होगी?