फुटबॉल की दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 39 साल के मेसी का अर्जेंटीना के लिए लंबा और शानदार सफर 2026 फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल के बाद भावुक मोड़ पर पहुंचा। अर्जेंटीना को स्पेन के खिलाफ 19 जुलाई 2026 को न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड स्थित मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फाइनल में अतिरिक्त समय के बाद 0-1 से हार का सामना करना पड़ा। फेरान टोरेस ने 106वें मिनट में स्पेन के लिए निर्णायक गोल किया।
मेसी के लिए यह मैदान इसलिए भी खास और भावुक रहा, क्योंकि करीब एक दशक पहले इसी जगह उन्होंने पहली बार अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का फैसला किया था।
2016 में इसी मैदान पर छलके थे आंसू
2016 में मेटलाइफ स्टेडियम में कोपा अमेरिका सेंटेनारियो का फाइनल खेला गया था। चिली के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना की हार के बाद मेसी बेहद भावुक हो गए थे। लगातार बड़े फाइनल में मिली निराशा के बाद उन्होंने उस समय अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी थी।
हालांकि, प्रशंसकों के जबरदस्त समर्थन के बाद मेसी ने अपना फैसला बदल दिया और अर्जेंटीना की टीम में वापसी की। इसके बाद उनके करियर का सबसे शानदार अंतरराष्ट्रीय दौर आया।
2021 से बदली कहानी
मेसी ने 2021 में अर्जेंटीना को कोपा अमेरिका का खिताब दिलाया। इसके बाद 2022 में कतर में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप में उन्होंने अर्जेंटीना को विश्व चैंपियन बनाया। 2024 में भी अर्जेंटीना ने कोपा अमेरिका का खिताब जीता।
यानी जिस खिलाड़ी ने कभी लगातार फाइनल हार के बाद उसी मैदान से निराश होकर संन्यास का ऐलान किया था, वही मेसी कुछ साल बाद अर्जेंटीना को विश्व फुटबॉल की सबसे बड़ी ट्रॉफी दिलाकर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा चुका था।
10 साल बाद फिर उसी मैदान पर आखिरी अध्याय
2026 में इतिहास ने एक बार फिर खुद को दोहराया। स्पेन के खिलाफ विश्व कप फाइनल में हार के बाद मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से विदाई ले ली। इस बार कहानी 2016 से अलग थी। तब मेसी एक अधूरे सपने और निराशा के साथ मैदान से बाहर निकले थे, जबकि अब वह विश्व कप विजेता, दो बार के कोपा अमेरिका चैंपियन और अर्जेंटीना के सबसे बड़े फुटबॉल सितारों में से एक के रूप में विदा हुए।
मेसी ने अर्जेंटीना के लिए 207 मैचों में 125 गोल किए और वह टीम के सर्वाधिक मैच खेलने वाले तथा सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं।
एक ही मैदान ने मेसी के करियर के दो सबसे भावुक अध्याय देखे—2016 में टूटे दिल के साथ लिया गया पहला संन्यास और 2026 में एक महान अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम पड़ाव। मेटलाइफ स्टेडियम अब मेसी की इस दर्द और गौरव से भरी कहानी का हमेशा के लिए हिस्सा बन चुका है।