पटना: बिहार की राजधानी पटना में शनिवार देर रात पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर छात्रों का भारी हंगामा देखने को मिला, जो रविवार सुबह तक जारी रहा। करीब छह घंटे तक स्टेशन परिसर तनाव और अव्यवस्था का केंद्र बना रहा। इस दौरान छात्रों ने रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, ट्रेनों को रोका और कई ट्रेनों में तोड़फोड़ भी की। हालात ऐसे बन गए कि लंबे समय तक पाटलिपुत्र स्टेशन से रेल परिचालन प्रभावित रहा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को आंसू गैस के गोले छोड़ने और हवाई फायरिंग तक करनी पड़ी, लेकिन तत्काल स्थिति नियंत्रण में नहीं आ सकी।
परीक्षा के लिए पहुंचे छात्र, ट्रेन में नहीं मिली जगह और शुरू हो गया बवाल
जानकारी के अनुसार बिहार में मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही के कुल 4128 पदों पर भर्ती परीक्षा 14 जून से 17 जून के बीच आयोजित की जा रही है। परीक्षा दो पालियों में निर्धारित है। पहली पाली सुबह 10 बजे और दूसरी दोपहर 3 बजे शुरू होनी थी।
पहली पाली की परीक्षा देने वाले कई छात्र शनिवार रात रेलवे स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन भारी भीड़ के कारण वे निर्धारित ट्रेन में सवार नहीं हो सके। इसके बाद नाराज छात्रों ने ट्रेन को आगे बढ़ने से रोक दिया और देखते ही देखते स्थिति उग्र हो गई।
रात 11:28 बजे सीमांचल एक्सप्रेस पहुंची, यहीं से बिगड़े हालात
शनिवार रात 11 बजकर 28 मिनट पर सीमांचल एक्सप्रेस पाटलिपुत्र स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर पहुंची। निर्धारित समय के अनुसार ट्रेन 11:25 बजे रवाना होनी थी। ट्रेन आनंद विहार से आ रही थी और रास्ते में ही उसमें भारी भीड़ हो चुकी थी।
जब ट्रेन स्टेशन पहुंची तो बड़ी संख्या में मौजूद छात्र उसमें चढ़ नहीं सके। इसके बाद छात्रों ने ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन रुकने के बाद अंदर बैठे कुछ यात्री भी ट्रैक पर उतर आए। परीक्षा छूटने की आशंका से नाराज छात्रों ने ट्रेन को आगे बढ़ने नहीं दिया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, कुछ छात्रों का मानना था कि यदि वे परीक्षा नहीं दे पाएंगे तो अन्य अभ्यर्थियों को भी परीक्षा नहीं देने देंगे और इससे परीक्षा प्रभावित होगी।
रात 12 बजे दूसरी ट्रेन भी रोकी गई, मालगाड़ी तक को आउटर पर रोका
रात करीब 12 बजे स्पेशल ट्रेन संख्या 09151 मधुबनी स्पेशल प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंची। यह ट्रेन सूरत से आई थी और इसके जरिए हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा समेत कई इलाकों के छात्र परीक्षा केंद्रों तक पहुंच सकते थे।
लेकिन सीमांचल एक्सप्रेस रोक रहे छात्रों ने इस ट्रेन को भी आगे नहीं बढ़ने दिया और प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के सामने खड़े हो गए। इसी दौरान सोनपुर की ओर से आ रही एक मालगाड़ी को भी सिग्नल पार करने के बाद आउटर पर रोक दिया गया।
रात 2:36 बजे पहुंची परीक्षा स्पेशल ट्रेन, लेकिन तब तक हालात बिगड़ चुके थे
कई छात्रों की मांग पर रेलवे प्रशासन ने विशेष परीक्षा ट्रेन की व्यवस्था की। रात 2 बजकर 36 मिनट पर यह ट्रेन पहुंची, लेकिन मालगाड़ी के आउटर पर रुके होने के कारण इसे प्लेटफॉर्म तक लाने में देरी हुई।
यह ट्रेन अररिया, कटिहार और किशनगंज जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए लाई गई थी। रेलवे प्रशासन लगातार माइक से घोषणा कर भरोसा दिलाता रहा कि छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाया जाएगा, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र मानने को तैयार नहीं हुए। इस दौरान इस स्पेशल ट्रेन को भी नुकसान पहुंचाया गया और इसके संचालन में देरी हुई।
डीएम बोले- बार-बार समझाया, लेकिन कुछ लोग नहीं माने
पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन ने बताया कि आधी रात के आसपास प्रशासन को हंगामे की सूचना मिली थी। अधिकारियों ने लोगों से लगातार अपील की कि जो छात्र परीक्षा देना चाहते हैं, उन्हें जाने दिया जाए और व्यवस्था बनाए रखी जाए।
डीएम के मुताबिक कुछ असामाजिक तत्व लगातार इमरजेंसी चेन खींच रहे थे और अलग-अलग मांगें कर रहे थे, जबकि दो विशेष ट्रेनों की व्यवस्था पहले से उपलब्ध थी। प्रशासन का कहना है कि स्थिति संभालने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। अब हालात सामान्य हैं और ट्रेन संचालन बहाल कर दिया गया है।
रेलवे अधिकारियों का दावा- समाधान नहीं, परीक्षा रद्द कराना था मकसद
रेलवे आईजी ने कहा कि परीक्षा देने वाले छात्रों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन हंगामा कर रहे लोग किसी समाधान पर सहमत नहीं हो रहे थे। अधिकारियों के अनुसार स्थिति को देखकर ऐसा लग रहा था कि उनका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करना और परीक्षा रद्द कराना था।