नई दिल्ली: स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी एन्क्लेव सेउटा में मोरक्को की ओर से बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहुंचने के बाद पूरा यूरोप सतर्क हो गया है। बीते 24 घंटों में करीब 49 हजार लोग सेउटा पहुंचने की खबर के बाद स्पेन ने सीमा पर सेना तैनात कर दी है। अचानक बढ़ी भीड़ से न सिर्फ स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ा है, बल्कि इटली, फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों ने भी इसे गंभीर सुरक्षा और प्रवासन संकट के रूप में देखना शुरू कर दिया है।
आखिर यूरोप में क्यों बढ़ गई चिंता?
सेउटा स्पेन का हिस्सा होने के साथ-साथ यूरोपीय संघ का भी हिस्सा है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति स्पेन में प्रवेश कर लेता है, तो शेंगेन व्यवस्था के कारण उसके अन्य यूरोपीय देशों तक पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है। यही वजह है कि स्पेन में बढ़े इस दबाव ने पूरे यूरोप की चिंता बढ़ा दी है।
इटली और फ्रांस ने बढ़ाई निगरानी
स्पेन की सीमा पर हालात बिगड़ने के बाद इटली ने शेंगेन व्यवस्था को लेकर विशेष कदम उठाने पर विचार शुरू कर दिया है। वहीं फ्रांस ने भी स्पेन से लगने वाली अपनी सीमा पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए हैं। दोनों देशों का मानना है कि अनियंत्रित अवैध प्रवासन पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ी समुद्री घुसपैठ
रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद समुद्र के रास्ते पकड़े गए प्रवासियों को तत्काल वापस भेजना आसान नहीं रह गया है। माना जा रहा है कि इसी कानूनी स्थिति का फायदा उठाकर बड़ी संख्या में लोग समुद्र के रास्ते सेउटा पहुंच रहे हैं। हालांकि स्पेन सरकार ने अवैध प्रवासियों को नियमित करने की योजना को इस संकट की वजह मानने से इनकार किया है।
तैरकर और ट्यूब के सहारे पहुंच रहे लोग
ताराजल बीच से सामने आए वीडियो में बड़ी संख्या में लोग समुद्र में तैरते और ट्यूब के सहारे स्पेन की सीमा तक पहुंचते दिखाई दिए। इनमें युवा पुरुषों के अलावा महिलाएं, बच्चे और पूरे परिवार भी शामिल हैं। सीमा पार करने के बाद कई लोग स्पेनिश क्षेत्र की ओर दौड़ते नजर आए।
क्या मेलिला में भी दोहराया जा सकता है यही संकट?
सेउटा के बाद अब स्पेन के दूसरे अफ्रीकी एन्क्लेव मेलिला को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। मोरक्को से लगी बेनी-एन्जा सीमा को एहतियातन बंद कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि सेउटा जैसी स्थिति मेलिला में भी पैदा हो सकती है।
सेउटा और मेलिला क्यों हैं इतने अहम?
सेउटा और मेलिला अफ्रीका में स्थित स्पेन के दो स्वायत्त शहर हैं। यही यूरोप और अफ्रीका के बीच जमीन से जुड़े प्रमुख प्रवेश द्वार माने जाते हैं। बेहतर रोजगार, सुरक्षित जीवन और आर्थिक अवसरों की तलाश में अफ्रीका और अन्य देशों के हजारों लोग हर साल इन सीमाओं के जरिए यूरोप पहुंचने की कोशिश करते हैं।

क्यों यूरोप का सबसे बड़ा प्रवासन केंद्र बना यह इलाका?
यूरोप लंबे समय से युद्ध, गरीबी और हिंसा से प्रभावित देशों के लोगों के लिए बेहतर भविष्य की उम्मीद बना हुआ है। 2015 के बड़े शरणार्थी संकट के बाद यूरोपीय देशों ने प्रवासन नियमों को सख्त किया, लेकिन इसके बावजूद समुद्री रास्तों से अवैध प्रवेश की कोशिशें लगातार जारी हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, हाल के वर्षों में यूरोप पहुंचने वाले प्रवासियों की संख्या पहले की तुलना में कम हुई है, लेकिन सेउटा जैसी घटनाएं अब भी पूरे महाद्वीप के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।