पुणे: महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत को लेकर अब उनके परिवार के बीच ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एनसीपी (एसपी) की सांसद और कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने हादसे की जांच और प्राथमिकी दर्ज नहीं होने को लेकर एनसीपी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि उनका भाई चला गया, जबकि पार्टी के नेता सत्ता का सुख भोग रहे हैं। सुप्रिया के इस बयान पर अब अजित पवार की पत्नी और महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने पलटवार किया है।
सुप्रिया सुले ने उठाए थे जांच पर सवाल
सुप्रिया सुले एक कार्यक्रम के दौरान मनसे नेता अमित ठाकरे के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के मुद्दे पर बात कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने अजित पवार के विमान हादसे का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि जब एक मौजूदा उपमुख्यमंत्री की जान चली गई तो अब तक इस मामले में प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं हुई।
सुप्रिया सुले ने कहा कि सिर्फ दीवार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर दी जाती है, लेकिन इतने बड़े विमान हादसे के बाद उनके भाई की मौत को लेकर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने एक प्रमुख सदस्य को खोया है।
सुप्रिया ने एनसीपी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पार्टी महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार का हिस्सा है, लेकिन क्या उसके 40 विधायकों या 8-9 मंत्रियों में से किसी ने भी उनके भाई की मौत के मामले में प्राथमिकी या उचित जांच की मांग की। इसी दौरान उन्होंने कहा, “हमारा भाई चला गया और वे सत्ता का आनंद ले रहे हैं।”
सुनेत्रा पवार ने दिया जवाब
सुप्रिया सुले के आरोपों पर अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने पुणे में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अजित दादा के जाने का सबसे ज्यादा दुख उनकी मां, बच्चों और परिवार को है। उन्होंने जांच एजेंसी पर भरोसा जताते हुए कहा कि उसे जांच के लिए समय दिया जाना चाहिए।
सुनेत्रा पवार ने कहा कि इस घटना पर बार-बार राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने जांच एजेंसी पर पूरा भरोसा रखने की बात कही और कहा कि मामले की जांच को अपना काम करने का समय दिया जाना चाहिए।
लैंडिंग के दौरान हुआ था विमान हादसा
अजित पवार की 28 जनवरी 2026 को बारामती में हुए विमान हादसे में मौत हो गई थी। वह चुनावी सभा में शामिल होने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। बारामती में लैंडिंग के दौरान उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
इस हादसे में अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हुई थी। हादसे के बाद से ही विमान दुर्घटना की परिस्थितियों और जांच को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब सुप्रिया सुले और सुनेत्रा पवार के अलग-अलग बयानों के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।