लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नीट परीक्षा, मुहर्रम और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था मजबूत रखने, परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जनसुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान नीट अभ्यर्थियों को राहत देने से लेकर मुहर्रम के आयोजन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं तक कई अहम फैसले लिए गए।
NEET देने वाले छात्रों को बड़ी राहत, बस किराए में मिलेगी 50% छूट
21 जून को प्रदेश के 59 जिलों में आयोजित होने वाली नीट परीक्षा में करीब साढ़े तीन लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान है। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को यूपी रोडवेज की बसों में प्रवेश पत्र दिखाने पर किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
इसके अलावा दूसरे जिलों से आने वाले ऐसे अभ्यर्थी जिनके पास ठहरने की व्यवस्था नहीं होगी, उनके लिए अस्थायी आवास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुहर्रम पर सख्ती, हथियारों और तेज डीजे पर रहेगा प्रतिबंध
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुहर्रम मातम और अनुशासन का अवसर है, इसे शक्ति प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जुलूसों में हथियारों के प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी और किसी नई परंपरा की शुरुआत भी नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही तेज आवाज वाले डीजे और अनियंत्रित ढोल-ताशों पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा के मद्देनजर ताजिया की ऊंचाई भी तय मानकों के अनुसार अधिकतम 10 से 12 फीट रखने को कहा गया।
57 हजार ग्राम पंचायतों में मनाया जाएगा योग दिवस
‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम के साथ इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को प्रदेशभर में बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की गई है। कार्यक्रम 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों और 762 नगरीय निकायों में आयोजित किए जाएंगे।
योग दिवस से एक दिन पहले 20 जून को विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। अमृत सरोवर, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कामकाज में लापरवाही पर जिलों को चेतावनी
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन और आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा भी की। असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले जिलों को चेतावनी देते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तैनाती नहीं है, वहां अगले तीन दिनों के भीतर मेरिट के आधार पर नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।