भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रनों से हराकर महिला एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है।
टीम इंडिया ने इसके साथ ही 8वीं बार यह ट्रॉफी जीती और 2024 फाइनल में श्रीलंका से मिली हार का हिसाब भी चुकता कर लिया। हालांकि, खिताबी जीत के बाद पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) और पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया।
प्रेजेंटेशन सेरेमनी में क्या हुआ?
मैच खत्म होने के बाद पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन शुरू होने में काफी देरी हुई। इसके बाद हुए घटनाक्रम ने सभी को हैरान कर दिया:
श्रीलंका को मिले रनर-अप मेडल: प्रेजेंटर फरवीज महारुफ ने श्रीलंकाई टीम को मंच पर बुलाया, जहां मोहसिन नकवी ने उन्हें रनर-अप मेडल और चेक सौंपा।
अचानक खत्म हुई सेरेमनी: श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बाद सभी को उम्मीद थी कि चैंपियन भारतीय टीम स्टेज पर आएगी, लेकिन प्रेजेंटर ने अचानक घोषणा कर दी कि सेरेमनी यहीं समाप्त होती है।
ड्रेसिंग रूम लौटी टीम इंडिया: मैदान पर मौजूद बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सचिव देवजीत सैकिया ने भारतीय खिलाड़ियों से बातचीत की। इसके बाद पूरी टीम इंडिया बिना ट्रॉफी और मेडल लिए सीधे ड्रेसिंग रूम वापस लौट गई।
कोच अमोल मजूमदार का बड़ा खुलासा
भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने मैच के बाद मीडिया के सामने स्थिति साफ की। उन्होंने खुलासा किया कि मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार न करना पूरी तरह से बीसीसीआई (BCCI) का फैसला था।
उल्लेखनीय है कि 2025 मेंस एशिया कप फाइनल के दौरान भी विवाद हुआ था जब नकवी ट्रॉफी अपने साथ ले गए थे। हालांकि, इस बार ऐसा कोई अतिरिक्त ड्रामा नहीं हुआ और नकवी श्रीलंकाई टीम को रनर-अप पुरस्कार देने के बाद बिना ट्रॉफी लिए मैदान से चले गए।
72 रनों से श्रीलंका को दी करारी शिकस्त : फाइनल मुकाबले में भारत का दबदबा पूरी तरह कायम रहा
भारत का स्कोर: टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 183 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
श्रीलंका की पारी: 184 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे पस्त हो गई और महज 111 रनों पर ढेर हो गई।