क्या 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले देश के 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू हो जाएगा? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार, 13 सितंबर को ऐसा ही बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और NDA की सरकार वाले सभी 21 राज्यों में 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी। शाह ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में NDA शासित बाकी राज्यों में भी UCC लागू करने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा।
क्या है UCC?
समान नागरिक संहिता यानी UCC ऐसी व्यवस्था है, जिसमें धर्म, जाति और लिंग के आधार पर भेद किए बिना सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेने और संपत्ति के उत्तराधिकार जैसे मामलों में समान नियम लागू करने की बात कही गई है।
इसका आधार संविधान का अनुच्छेद 44 है, जिसमें राज्य को पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करने को कहा गया है। UCC लागू होने पर अलग-अलग धर्मों के व्यक्तिगत कानूनों की जगह समान नागरिक नियम लागू होंगे।
किन राज्यों में UCC लागू हो चुका है?
भारत में UCC को लेकर कई राज्यों में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। गोवा में पुर्तगाली शासन के समय से ही समान पारिवारिक कानून लागू है। वहीं स्वतंत्र भारत में उत्तराखंड 2024 में UCC लागू करने वाला पहला राज्य बना।
इसके बाद गुजरात, असम और मध्य प्रदेश की विधानसभाएं भी UCC से जुड़े विधेयक पारित कर चुकी हैं। अब अन्य NDA शासित राज्यों में भी इसे लागू करने की तैयारी चल रही है।
UCC को लेकर अमित शाह का यह दावा आने वाले समय की सियासत में बड़ा मुद्दा बन सकता है। अगर 2029 से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में इसे लागू करने की योजना आगे बढ़ती है, तो देश में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों से जुड़े कानूनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब नजरें इस पर हैं कि बाकी राज्य इस दिशा में कितनी तेजी से कदम बढ़ाते हैं।