नई दिल्ली: सांप को देखते ही अक्सर लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है। सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि क्या वह इंसान को देखते ही हमला कर देता है। फिल्मों और कहानियों में सांप को कई बार इंसान का पीछा करते या अचानक हमला करते हुए दिखाया जाता है। लेकिन वास्तविकता इससे अलग है। भारत सरकार की सांप के काटने से जुड़ी गाइडलाइन के मुताबिक, सांप आमतौर पर इंसान पर तब तक हमला नहीं करता, जब तक उसे पकड़ा, धमकाया, घेरा या किसी जगह फंसा न दिया जाए।
अगर गलती से किसी व्यक्ति का पैर सांप पर पड़ जाए या उसका शरीर दब जाए, तो वह अपनी सुरक्षा के लिए काट सकता है। कई बार इंसान और सांप अचानक आमने-सामने आ जाते हैं और खतरा महसूस होने पर वह बचाव में हमला कर सकता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि किन परिस्थितियों में सांप के काटने की आशंका बढ़ जाती है।
अंधेरे में अनजाने में पड़ सकता है पैर
खेतों, घास, झाड़ियों और अंधेरे स्थानों में सांप कई बार आसानी से दिखाई नहीं देते। ऐसे में व्यक्ति अनजाने में उनके बेहद करीब पहुंच सकता है या उन पर पैर रख सकता है। भारत सरकार की गाइडलाइन में रात के समय बाहर निकलते हुए टॉर्च का इस्तेमाल करने और ऐसे रास्तों पर सावधानी से चलने की सलाह दी गई है।
पकड़ने या मारने की कोशिश बढ़ा सकती है खतरा
सांप दिखाई देने पर कई लोग उसे पकड़ने, भगाने या मारने की कोशिश करते हैं। ऐसी स्थिति में खतरा कम होने के बजाय बढ़ सकता है। इसलिए उसे पकड़ने, डराने या उस पर हमला करने से बचना चाहिए।
तमिलनाडु में सांपों को बचाने वाले लोगों से जुड़े एक अध्ययन में भी सामने आया कि उन्हें हटाने या मारने की कोशिश के दौरान काटने की घटनाएं हो सकती हैं। ऐसी परिस्थिति में सांप खुद को खतरे में महसूस कर सकता है और बचाव के लिए काट सकता है।
चारों तरफ से घिरने पर कर सकता है हमला
अगर सांप को चारों ओर से घेर लिया जाए या उसे किसी कोने में फंसा दिया जाए, तो उसके पास बच निकलने का रास्ता कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में वह खुद को बचाने के लिए काट सकता है। भारत सरकार की गाइडलाइन में भी उसे घेरने से बचने की सलाह दी गई है।
हुगली के 520 मामलों के अध्ययन में क्या सामने आया?
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में सांपों को बचाने से जुड़े 520 मामलों पर एक अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने यह समझने की कोशिश की कि इंसानों और सांपों का आमना-सामना किन परिस्थितियों में अधिक होता है।
अध्ययन में सामने आया कि जगह, बारिश, तापमान और दिन का समय जैसे कई कारक इस बात को प्रभावित कर सकते हैं कि इंसानों और सांपों की मुलाकात कब और कहां होती है। अध्ययन में शामिल करैत की प्रजातियां ज्यादातर शाम 6 बजे से आधी रात के बीच मिलीं।
क्या इंसान को देखकर हर सांप भाग जाता है?
यह मानना भी सही नहीं है कि हर सांप इंसान को देखते ही भाग जाएगा। अलग-अलग प्रजातियों का व्यवहार अलग हो सकता है और उस समय की परिस्थिति भी उसकी प्रतिक्रिया को प्रभावित करती है।
अगर वह दिखाई दे जाए तो उसे छेड़ने, पकड़ने या उसके बहुत करीब जाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहतर है। उसे निकलने के लिए पर्याप्त जगह देना भी जरूरी है।
सांप दिख जाए तो क्या सावधानी बरतें?
भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार उससे दूरी बनाए रखें और उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। उसे चारों तरफ से घेरकर फंसाने से भी बचें। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें और ऐसी जगह जहां जमीन साफ दिखाई न दे, वहां बिना देखे पैर न रखें। जूते पहनकर चलना भी सुरक्षित विकल्प है।
काटने की आशंका होने पर घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए।