राजधानी दिल्ली की सियासत में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस सीधे प्रधानमंत्री आवास को घेरने सड़क पर उतर आई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से शुरू हुआ विरोध मार्च देखते ही देखते देश के सबसे सुरक्षित इलाकों में से एक—7 लोक कल्याण मार्ग PM आवास के बेहद करीब पहुँच गया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस के दर्जनों सांसद सुरक्षा घेरे को पार करते हुए पीएम आवास के बिल्कुल नजदीक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
खड़गे के घर से PM आवास तक ‘हाई-ऑक्टेन’ मार्च
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आधिकारिक आवास से सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ निकला यह मार्च देखते ही देखते देश के युवाओं और परीक्षार्थियों के हक में एक बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल गया।
दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स के पास ही लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस के कई सांसद जमीन पर बैठकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
हाई-प्रोफाइल लुटियंस दिल्ली और पीएम आवास के आसपास के इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है और आम लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस की केंद्र सरकार से 5 प्रमुख माँगें
पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे विपक्ष के शीर्ष नेताओं ने नीट मामले पर सरकार को घेरते हुए निम्नलिखित प्रमुख माँगें रखी हैं:
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: NEET धांधली और पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री तुरंत अपना पद छोड़ें।
लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच: प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए और दोषी पुलिस अफसरों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
परीक्षा प्रणाली में सुधार और NTA की जांच: NEET प्रभावित छात्रों को तुरंत न्याय दिया जाए, NTA की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो और पूरी परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए।
परीक्षा प्रणाली में सुधार और NTA की जांच: संसद के अन्य सभी कार्यों को रोककर सबसे पहले NEET मामले और देश के युवाओं के भविष्य पर सीधी बहस कराई जाए।
छात्रों पर दर्ज केसों की वापसी: शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएँ।
राजधानी दिल्ली में संसद से लेकर सड़कों तक सियासी हलचल तेज है। प्रधानमंत्री आवास के नज़दीक विपक्ष के शीर्ष नेताओं का धरने पर बैठना केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव का बड़ा संकेत माना जा रहा है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में देश की राजनीति और संसद दोनों में प्रमुख बहस का विषय बन सकता है।