इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए ‘डायरेक्ट क्वालिफिकेशन’ के दरवाजे बंद करने की आखिरी तारीख (कट-ऑफ डेट) की घोषणा कर दी है। 30 सितंबर 2026 तक ICC वनडे रैंकिंग की स्थिति यह तय करेगी कि कौन सी टीमें सीधे टूर्नामेंट में एंट्री लेंगी और किन्हें क्वालिफायर मुकाबलों की आग से गुजरना होगा।
इस ऐलान के साथ ही दो बार की वर्ल्ड चैंपियन वेस्टइंडीज के ऊपर एक बार फिर टूर्नामेंट से बाहर होने का काला साया मंडराने लगा है।
क्वालिफिकेशन का गणित: कैसे तय होंगी 10 टीमें?
2027 का वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाना है। नियमों के मुताबिक:
- मेजबान देश: साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे (ICC फुल मेंबर्स) को स्वतः ही एंट्री मिल चुकी है।
- रैंकिंग आधारित चयन: मेजबानों को छोड़कर cut-off तारीख (30 सितंबर 2026) तक रैंकिंग में टॉप पर रहने वाली अन्य 8 टीमें सीधे टिकट हासिल करेंगी।
किस टीम की क्या स्थिति?
- लगभग तय: भारत, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका और इंग्लैंड की सीधी एंट्री तय मानी जा रही है।
- मजबूत दावेदार: अफगानिस्तान (फिलहाल 8वें स्थान पर) और बांग्लादेश (9वें स्थान पर) सीधे क्वालिफाई करने की रेस में आगे चल रहे हैं।
- संकट में विंडीज: कैरेबियाई टीम फिलहाल 10वें स्थान पर है।
वेस्टइंडीज के लिए ‘करो या मरो’ का संकट
2023 के वनडे वर्ल्ड कप (भारत) में क्वालिफाई न कर पाने का दंश झेल चुकी वेस्टइंडीज की राह इस बार भी बेहद कांटों भरी है।
3 मैचों की लाइफलाइन: कट-ऑफ तारीख से पहले वेस्टइंडीज के पास अपनी ICC रैंकिंग सुधारने के लिए महज 3 वनडे इंटरनेशनल मैच ही बचे हैं। अगर टीम इन मुकाबलों में बड़ा उलटफेर करके रैंकिंग नहीं सुधार पाती है, तो उसे दोबारा क्वालिफायर दौर की जद्दोजहद से गुजरना पड़ेगा—जहाँ किसी भी उलटफेर से टूर्नामेंट का टिकट फिर हाथ से छूट सकता है।