डिजिटल एंटरटेनमेंट के बढ़ते दौर में स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर परोसे जा रहे कंटेंट को लेकर केंद्र सरकार का रुख अब और कड़ा हो गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय “MIB “और आईटी मंत्रालय ने सभी प्रमुख OTT प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया दिग्गज कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे ‘IT Rules, 2021’ का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। सरकार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि भारतीय कानूनों का उल्लंघन करने वाले, आपत्तिजनक या अश्लील कंटेंट को तुरंत हटाया जाए।
IT Rules, 2021 का पालन अब अनिवार्य
मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि देश में ऑपरेट कर रहे हर OTT प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया ऐप के लिए सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत निर्धारित डिजिटल मीडिया आचार संहिता को मानना कानूनी रूप से जरूरी है। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल स्पेस में जिम्मेदारी और यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
एज-रैटिंग और पैरेंटल लॉक का कड़ा नियम
नियमों के अनुसार, स्ट्रीमिंग सर्विसेज को अब अपने हर शो और फिल्म का एज-बेस्ड क्लासिफिकेशन करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, बच्चों को असुरक्षित या संवेदनशील कंटेंट से दूर रखने के लिए मजबूत ‘पैरेंटल लॉक’ और एक्सेस कंट्रोल फीचर्स देना जरूरी कर दिया गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्त ‘ड्यू डिलिजेंस’
यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स को अपनी उचित सतर्कता बढ़ानी होगी, ताकि यूजर्स किसी भी प्रकार की गैर-कानूनी सामग्री अपलोड या शेयर न कर सकें। किसी भी सक्षम न्यायालय या सरकारी एजेंसी द्वारा निर्देश दिए जाने पर ऐसे कंटेंट को तुरंत टेकडाउन करना होगा।
उल्लंघन करने वालों पर सीधा क्रैकडाउन
सरकार ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। आपको बता दें कि पिछले दो सालों में अश्लीलता फैलाने और गाइडलाइंस का उल्लंघन करने वाले 50 से अधिक OTT ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स को पहले ही ब्लॉक किया जा चुका है।
सरकार का कहना है की डिजिटल मीडिया के इस दौर में अब कंटेंट क्रिएटर्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को क्रिएटिव फ्रीडम के साथ-साथ कानूनी दायरों और सामाजिक जवाबदेही का पूरा ध्यान रखना होगा।