सोमवार, 20 जुलाई का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद निराशाजनक साबित हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों, मध्य-पूर्व (Middle-East) में बढ़ते तनाव और बड़े प्राइवेट बैंकों के उम्मीद से खराब Q1 नतीजों ने दलाल स्ट्रीट पर कोहराम मचा दिया।
कारोबार की शुरुआत में ही सेंसेक्स (Sensex) 700 अंक से ज्यादा (लगभग 1%) टूटकर 77,445 के निचले स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 (Nifty 50) में भी 180 से अधिक अंकों की गिरावट आई और यह 24,150 के स्तर तक गिर गया।
बाजार की इस भारी तबाही के पीछे मुख्य रूप से 6 बड़े कारण रहे। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन वजहों ने निवेशकों के करोड़ों रुपये डुबो दिए।
शेयर बाजार की इस गिरावट में सबसे बड़ा हाथ बैंकिंग सेक्टर का रहा। शनिवार को जारी हुए पहली तिमाही (Q1) के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया:
वीकेंड पर ईरान और अमेरिका के बीच भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) और गहरा गया:
ईरान-अमेरिका के तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा:
दुनियाभर के प्रमुख बाजारों में छाई मंदी ने भारतीय बाजार का मूड भी बिगाड़ दिया:
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल ने निवेशकों को इक्विटी (शेयरों) से पैसा निकालकर सुरक्षित बॉन्ड्स में लगाने के लिए प्रेरित किया:
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी फंड्स (FIIs) की निकासी से भारतीय रुपये में गिरावट जारी है:
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