नई दिल्ली: रूस के साथ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन में राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को अब घरेलू मोर्चे पर भी बड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी कीव समेत कई शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और राष्ट्रपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए ‘शर्म करो’ के नारे लगाए। हाल के महीनों में इसे जेलेंस्की सरकार के खिलाफ सबसे बड़े जनविरोधों में से एक माना जा रहा है।
राष्ट्रपति के खिलाफ यह विरोध उस फैसले के बाद तेज हुआ है, जिसमें रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को उनके पद से हटा दिया गया। इस निर्णय के बाद सरकार की कार्यशैली और युद्धकालीन नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
कीव से लेकर कई शहरों तक विरोध प्रदर्शन
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, राजधानी कीव में एक हजार से अधिक प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और ‘शर्म करो’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ऐसे पोस्टर थे, जिन पर ‘किसलिए?’ और ‘रूसी जश्न मना रहे हैं’ जैसे संदेश लिखे थे।
कीव के अलावा निप्रो, ओडेसा और अन्य शहरों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष हुए भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के बाद यह सबसे बड़े सार्वजनिक आंदोलनों में से एक है।
रक्षा मंत्री को हटाने के फैसले से बढ़ा विवाद
विरोध की सबसे बड़ी वजह राष्ट्रपति जेलेंस्की का रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को पद से हटाने का फैसला माना जा रहा है। इस कदम के बाद युद्ध के बीच सरकार के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने की चर्चा तेज हो गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब यूक्रेनी संसद ने नई सरकार को मंजूरी दी है। हालांकि फेडोरोव के स्थान पर अब तक किसी नए रक्षा मंत्री के नाम की घोषणा नहीं की गई है।
युद्ध के बीच लगातार जारी हैं हमले
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान दोनों देशों की ओर से सैन्य कार्रवाई लगातार जारी है। यूक्रेन को रूसी मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि यूक्रेनी सेना रूस के लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाकर लंबी दूरी के ड्रोन हमले कर रही है।
रॉयटर्स के अनुसार, रातभर कीव पर हुए रूसी मिसाइल हमलों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्चे सहित पांच अन्य घायल हुए हैं।
सिर्फ छह महीने में हटाए गए फेडोरोव
35 वर्षीय मिखाइलो फेडोरोव को यूक्रेन में डिजिटल बदलाव और रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण का प्रमुख चेहरा माना जाता है। रक्षा मंत्रालय संभालने से पहले वह डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मंत्री के रूप में कार्य कर चुके थे और देश के ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
रक्षा मंत्री के रूप में अपने छह महीने के कार्यकाल में उन्होंने ड्रोन खरीद प्रक्रिया को तेज किया, तकनीक आधारित सैन्य सुधारों को बढ़ावा दिया और रक्षा खरीद प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में कई कदम उठाए, ताकि यूक्रेन रूस की बड़ी सैन्य ताकत का बेहतर तरीके से सामना कर सके।