राजधानी दिल्ली में एक बार फिर बड़ा सियासी बवंडर खड़ा हो गया है। जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण अनशन पर बैठे लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस ने जबरन धरना स्थल से हटा दिया। पुलिस के इस अचानक लिए गए कड़े एक्शन के बाद से ही राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है और सरकार पर चौतरफा हमले शुरू हो गए हैं।
अब प्रधानमंत्री निशाने पर
इस पूरे मामले में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है। नीट (NEET) विवाद को लेकर पहले से ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जिद पर अड़ी CJP ने अब सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने निशाने पर ले लिया है।

शनिवार सुबह पुलिसिया कार्रवाई की खबर आते ही CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर मोर्चा खोल दिया। पार्टी ने अपने आधिकारिक हैंडल से “Modi must resign!” लिखकर पोस्ट किया और प्रधानमंत्री से तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग कर दी।

30 सेकंड का ‘मॉक ड्रिल’ और वांगचुक धरना स्थल से बाहर
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गुपचुप और रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया। पुलिस ने मॉक ड्रिल के बहाने महज कुछ ही सेकंड्स के भीतर सोनम वांगचुक को वहां से उठा लिया।
इस घटना के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद CJP के नेताओं और वांगचुक के समर्थकों ने पुलिस की इस कार्रवाई को पूरी तरह तानाशाही और लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे के बाद पूरे लुटियंस दिल्ली और जंतर-मंतर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इंटरनेट से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर घमासान छिड़ चुका है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी पारा और चढ़ना तय है।