फीफा वर्ल्ड कप 2026 के महामुकाबले (Spain vs Argentina Final) की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाले इस ऐतिहासिक फाइनल में हर किसी की नजरें महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी पर टिकी हैं।
लेकिन इस खिताबी जंग के बीच एक बेहद दिलचस्प गणित सामने आया है। स्पेन के खिलाफ फाइनल मैच के शुरुआती 55 मिनट का खेल मेसी के करियर और ‘गोल्डन बूट’ (Golden Boot) की रेस के लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है।
मेसी बनाम एम्बाप्पे: गोल्डन बूट की रेस
- 55 मिनट का खेल क्यों है खास?: अगर मेसी मैच के पहले 55 मिनट या उससे कम समय में 2 गोल दाग देते हैं, तो वे कम मिनट खेलने के समीकरण के आधार पर एम्बाप्पे को पछाड़कर गोल्डन बूट अपने नाम कर लेंगे।
- एम्बाप्पे ने बढ़ाई टेंशन: फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे स्थान के मैच में 2 गोल और 1 असिस्ट कर मेसी को पीछे छोड़ते हुए इस रेस में मजबूत पकड़ बना ली है।
- मेसी के पास हैं 3 रास्ते: एम्बाप्पे का साम्राज्य ढहाने के लिए मेसी के पास तीन विकल्प हैं— 55 मिनट में 2 गोल, फाइनल में चमत्कारी हैट्रिक, या फिर 2 गोल के साथ 1 असिस्ट।
- 10 गोल वाले ‘एलीट क्लब’ पर नजर: मेसी के पास इस फाइनल में इतिहास रचते हुए एक ही वर्ल्ड कप सीजन में 10 गोल करने वाले दुनिया के 5वें खिलाड़ी बनने का सुनहरा मौका है।
- एम्बाप्पे रच सकते हैं वर्ल्ड रिकॉर्ड: यदि मेसी चूके तो एम्बाप्पे एक ही सीजन में ला लीगा, चैंपियंस लीग और फीफा वर्ल्ड कप तीनों का गोल्डन बूट जीतने वाले इतिहास के पहले खिलाड़ी बन जाएंगे।
55 मिनट का चक्रव्यूह: कैसे एम्बाप्पे को मात देंगे मेसी?
दरअसल, तीसरे स्थान के मैच में एम्巴प्पे के धमाकेदार प्रदर्शन के बाद मेसी रेस में पिछड़ गए हैं। अब मेसी को अगर नंबर-1 बनना है तो उनके सामने पहला और सबसे तेज रास्ता समय का है। फीफा के नियमों के मुताबिक, अगर दो खिलाड़ियों के गोल बराबर होते हैं, तो कम समय मैदान पर बिताने वाले को विजेता माना जाता है। इसी वजह से शुरुआती 55 मिनट मेसी के लिए ‘करो या मरो’ जैसे बन गए हैं।
हैट्रिक या ‘गोल+असिस्ट’ का फॉर्मूला
अगर मेसी 55 मिनट वाले समीकरण से चूक जाते हैं, तो उनके पास दो और रास्ते बचेंगे:
चमत्कारी हैट्रिक: मेसी इस वर्ल्ड कप के अपने पहले मैच की तरह फाइनल में भी हैट्रिक (3 गोल) जमा दें। ऐसा करने पर उनके कुल 11 गोल हो जाएंगे और एम्बाप्पे का पत्ता साफ हो जाएगा।
असिस्ट का जादू: मेसी स्पेन के खिलाफ 2 गोल करें और साथ में कम से कम 1 असिस्ट (गोल करने में मदद) भी करें। इससे गोल बराबर होने के बावजूद ज्यादा असिस्ट होने के कारण गोल्डन बूट मेसी की झोली में आ गिरेगा।
56 साल पुराना इतिहास दोहराने की दहलीज पर मेसी
किलियन एम्बाप्पे पिछले 56 वर्षों में एक ही फीफा वर्ल्ड कप में 10 या उससे अधिक गोल करने वाले दुनिया के चौथे खिलाड़ी बन चुके हैं। अब लियोनेल मेसी के पास स्पेन के मजबूत डिफेंस को भेदकर इस एलीट क्लब में 5वें खिलाड़ी के रूप में एंट्री मारने का आखिरी मौका है।
आगे क्या होगा? फुटबॉल पंडितों का मानना है कि यह मुकाबला सिर्फ स्पेन और अर्जेंटीना की ट्रॉफी की जंग नहीं है, बल्कि यह मेसी के आखिरी वर्ल्ड कप गौरव और एम्बाप्पे के महा-रिकॉर्ड के बीच की सीधी लड़ाई है। रविवार को होने वाला यह फाइनल फुटबॉल इतिहास के सबसे रोमांचक अध्यायों में गिना जाएगा।