भारतीय बैडमिंटन की ‘क्वीन’ पीवी सिंधु ने एक बार फिर कोर्ट पर अपना जलवा बिखेरते हुए इतिहास रच दिया है। शनिवार को जापान ओपन 2026 के महिला सिंगल्स सेमीफाइनल में सिंधु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल का टिकट कटा लिया है। इस मुकाबले में उन्होंने दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी और चीन की ओलंपिक चैंपियन चेन युफेई को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
इस हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल मैच में सिंधु की रणनीति और आक्रामकता शुरुआत से ही देखने लायक थी। उन्होंने पहले गेम से ही चीनी शटलर पर दबाव बनाए रखा। हालांकि, युफेई ने वापसी की पूरी कोशिश की और स्कोर को 19-19 की बराबरी पर ले आईं, लेकिन सिंधु ने अपना कूल बरकरार रखा और पहला गेम 21-19 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में भी कहानी कुछ अलग नहीं थी। सिंधु ने शुरुआत से ही अपनी लीड मजबूत की और आसानी से 15-10 से आगे हो गईं। इसी दौरान चेन युफेई हैमस्ट्रिंग की चोट (दर्द) से परेशान नजर आईं और उन्होंने मैच के बीच से ही हटने (रिटायर होने का) का फैसला किया, जिसके बाद सिंधु को विजेता घोषित कर दिया गया। इस जीत के साथ ही सिंधु ने युफेई के खिलाफ लगातार पांच मैचों से चले आ रहे हार के सिलसिले को भी पूरी तरह खत्म कर दिया है।

टॉप-10 में जोरदार वापसी
यह इस सीजन का पीवी सिंधु का पहला फाइनल मुकाबला है, जो एक सुपर 750 (Super 750) इवेंट में आया है। सिंधु ने आखिरी बार साल 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल के दौरान किसी टूर्नामेंट का फाइनल खेला और जीता था। यह कमबैक उनके फैंस के लिए बेहद खास है क्योंकि इस साल की शुरुआत में सिंधु की रैंकिंग गिरकर वर्ल्ड नंबर 18 पर पहुंच गई थी। लेकिन अपने हालिया दमदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने जबरदस्त बाउंस बैक किया है और अब वे दुनिया की 9वें नंबर की खिलाड़ी बन चुकी हैं।
रविवार को होगा खिताबी मुकाबला
रविवार को होने वाले इस ग्रैंड फिनाले में अब पीवी सिंधु का सामना दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। दूसरा सेमीफाइनल जापान की अकाने यामागुची और इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वर्दनी के बीच खेला जाना है। फैंस को पूरी उम्मीद है कि सिंधु अपनी इस शानदार फॉर्म को फाइनल में भी बरकरार रखेंगी और इस साल का अपना पहला खिताब देश के नाम करेंगी।