नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब और उग्र रूप लेने जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को पूरे देश में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
पार्टी नेतृत्व ने देशभर के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस देशव्यापी प्रदर्शन में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाएं और अपनी आवाज बुलंद करें।
वार्ता का न्योता खारिज, सड़कों पर उतरने की रणनीति
यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार की ओर से लगातार बातचीत के प्रस्ताव भेजे जा रहे थे:
- सरकार का ऑफर बेअसर: केंद्रीय मंत्रियों द्वारा “किसी भी समय और किसी भी स्थान” पर बातचीत की पेशकश के बावजूद सीजेपी और छात्र संगठन तटस्थ जगह पर वार्ता और अपनी प्रमुख मांगों (जैसे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे) पर अड़े हुए हैं।
- राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा: 24 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों, जिला मुख्यालयों और प्रमुख परिसरों में एक साथ विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे, ताकि केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
दिल्ली में अलर्ट, कनॉट प्लेस और मेट्रो सेवाओं पर असर
जंतर-मंतर पर चल रहे लगातार प्रदर्शनों और 24 जुलाई के देशव्यापी आह्वान को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है:
- व्यापार और दफ्तरों पर प्रभाव: कनॉट प्लेस (CP) में सुरक्षा चिंताओं के चलते NDMC और व्यापारियों के संगठन ने शाम 6:30 बजे ही दुकानें व रेस्तरां बंद करने का निर्णय लिया है।
- मेट्रो स्टेशन सील: एहतियात के तौर पर DMRC द्वारा राजीव चौक, पटेल चौक और मंडी हाउस समेत लगभग 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को सुरक्षा कारणों से बंद रखा गया है।
CJP के इस नए फैसले के बाद शुक्रवार को देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र संगठनों और पुलिस प्रशासन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।