आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम का ऐलान हो गया है। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी AFI ने 77 सदस्यीय ट्रैक एंड फील्ड टीम की घोषणा की है। भारत के लिए सबसे बड़ा झटका स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का बाहर होना है।
नीरज चोपड़ा चोट के कारण एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। उनकी जगह कॉमनवेल्थ गेम्स के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट यशवीर सिंह को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। अब जैवलिन थ्रो में भारत की गोल्ड की उम्मीदें यशवीर पर होंगी।
नीरज की जगह यशवीर को क्यों मिला मौका?
AFI अध्यक्ष बहादुर सिंह सग्गू ने बताया कि नीरज के चोटिल होने के बाद यशवीर को टीम में शामिल करने का फैसला किया गया।
उन्होंने कहा कि यशवीर कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीत चुके हैं और नीरज की अनुपस्थिति में वह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
नीरज फिलहाल एंकल लिगामेंट इंजरी से जूझ रहे हैं। ऐसे में एशियन गेम्स में उनकी गैरमौजूदगी भारत के लिए बड़ा नुकसान मानी जा रही है।
अभिषेक पाल भी टीम से बाहर
77 सदस्यीय टीम में लंबी दूरी के धावक अभिषेक पाल को जगह नहीं मिली है। उन्हें NADA की ओर से डोपिंग से जुड़ा नोटिस मिलने के बाद टीम से बाहर रखने का फैसला किया गया।
AFI ने कहा कि मामले को देखते हुए वह किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती।
रिपोर्ट के मुताबिक, अभिषेक के सैंपल में महिला प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाली दवा से संबंधित पदार्थ पाया गया था, हालांकि इसकी मात्रा निर्धारित सीमा से नीचे बताई गई थी।
तेजस शिरसे भी नहीं होंगे शामिल
कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान चोटिल हुए तेजस शिरसे को भी भारतीय एथलेटिक्स टीम में जगह नहीं मिली है।
इस तरह भारत की टीम को एक साथ कई अहम खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी का सामना करना पड़ेगा।
इन खिलाड़ियों पर भी रहेंगी नजरें
भारतीय टीम में कई ऐसे एथलीट शामिल हैं जिनसे एशियन गेम्स में पदक की उम्मीद होगी।
गुलवीर सिंह और पारुल चौधरी तीन-तीन स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे।
गुलवीर सिंह 10,000 मीटर, 5,000 मीटर और 1,500 मीटर में उतरेंगे, जबकि पारुल चौधरी 3,000 मीटर स्टीपलचेज, 5,000 मीटर और 1,500 मीटर में चुनौती पेश करेंगी।
टीम में हरिता भद्रा, किरण पहल, सिंधुश्री जी, आशा इलंगो, सान्या यादव और प्रवीण कुमार जैसे नाम भी शामिल हैं।
नीरज के बिना भारत की सबसे बड़ी चुनौती
नीरज चोपड़ा पिछले कुछ वर्षों में भारतीय एथलेटिक्स के सबसे बड़े पदक दावेदारों में रहे हैं। ऐसे में उनके बाहर होने के बाद जैवलिन थ्रो में भारत का प्रदर्शन खास तौर पर निगाहों में रहेगा।
अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि नीरज की जगह कौन उतरेगा, बल्कि यह भी है कि क्या यशवीर सिंह इस बड़े मंच पर भारत को फिर से गोल्ड दिला पाएंगे?
आइची-नागोया एशियन गेम्स में भारतीय एथलेटिक्स टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि नीरज की गैरमौजूदगी के बावजूद भारत अपनी पदक की रफ्तार को बरकरार रखे।