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कालका-शिमला रेल रूट पर बड़ा हादसा टला! पटरी के नीचे खिसकी जमीन, 10 ट्रेनें रद्द; 400 से ज्यादा यात्री सुरक्षित निकाले गए

सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में लगातार बारिश के बीच कालका-शिमला रेलवे रूट पर पटरी के नीचे से जमीन खिसक गई। पहाड़ का मलबा और मिट्टी खिसकने से रेलवे सेवा बाधित हो गई, जिसके बाद 10 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। हादसे के बाद रेलवे ने तेजी से राहत और बचाव अभियान चलाया और 391 यात्रियों के साथ ट्रेन के 40 क्रू सदस्यों को सुरक्षित कालका पहुंचाया गया।

कोटी और घुम्मन के बीच पटरी का हिस्सा हुआ कमजोर

यह घटना शनिवार रात को कोटी और घुम्मन रेलवे स्टेशनों के बीच हुई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ खिसकने से ट्रैक का एक हिस्सा कमजोर हो गया। रेलवे के मुताबिक, शिमला-कालका धरोहर रेलखंड पर पुल संख्या 57 के पास भूस्खलन हुआ। इसके चलते एक संपर्क पुल का कुछ हिस्सा भी खुला रह गया।

घटना की जानकारी मिलते ही उत्तरी रेलवे के अधिकारियों ने मौके पर बचाव अभियान शुरू किया। इस दौरान चार आने वाली ट्रेनों को रास्ते में ही रोक दिया गया, ताकि यात्रियों को किसी तरह का खतरा न हो।

पांच बसों और दो टेंपो ट्रैवलर से यात्रियों को निकाला

रेलवे के मुताबिक, सोलन, कोटी और धर्मपुर से 400 से अधिक यात्रियों और ट्रेन के कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने के लिए पांच बसों और दो टेंपो ट्रैवलर की व्यवस्था की गई। यात्रियों को इन वाहनों के जरिए आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया।

स्थानीय यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया गया, जबकि करीब 120 यात्रियों को ट्रेन संख्या 13052 में बैठाया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन के समय में बदलाव करते हुए इसे विशेष रूप से रात 1:30 बजे चलाया गया।

391 यात्रियों और 40 क्रू सदस्यों को सुरक्षित पहुंचाया

रेलवे ने बताया कि पूरे बचाव अभियान के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी गई। तेज कार्रवाई और यात्रियों को वैकल्पिक साधनों से सुरक्षित निकालने के कारण अभियान सुचारू रूप से पूरा किया गया। कालका स्टेशन पहुंचने के बाद किसी यात्री की शिकायत या धनवापसी का अनुरोध दर्ज नहीं किया गया।

भूस्खलन के कारण 10 ट्रेनें रद्द

अधिकारियों के अनुसार, रेलवे ट्रैक के एक हिस्से के नीचे से मिट्टी बह जाने के कारण शिमला-कालका संकरी पटरी वाली रेल लाइन पर 10 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। सप्ताहांत पर पर्यटकों और यात्रियों से व्यस्त रहने वाला शिमला रेलवे स्टेशन रविवार को इस वजह से काफी शांत नजर आया।

इस मानसून के दौरान बारिश और भूस्खलन के कारण कालका-शिमला धरोहर रेल लाइन पर ट्रेन परिचालन कई बार प्रभावित हो चुका है।

96 किलोमीटर लंबी है ऐतिहासिक रेल लाइन

कालका-शिमला रेल लाइन करीब 96 किलोमीटर लंबी है। यह बेहद खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरती है। इसे इंजीनियरिंग की शानदार मिसाल के साथ-साथ पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण माना जाता है। इस रेलखंड में 102 सुरंगें, 800 पुल और 919 मोड़ हैं।

vineet verma

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