नई दिल्ली: केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर अपने फैसले की जानकारी दी। मुरुगन ने कहा कि अब वह तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय देना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को बताया जीवन का बड़ा सम्मान
एल. मुरुगन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम करने को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे से लेकर केंद्रीय मंत्रिपरिषद तक पहुंचने का सफर उनके लिए बेहद खास और प्रेरणादायक रहा है।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत माता और तमिलनाडु की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा गौरव रहा है। अब वह दोबारा जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर पार्टी को मजबूत करने के काम में जुटना चाहते हैं।
2029 लोकसभा चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की तैयारी
एल. मुरुगन ने अपने इस्तीफे के पीछे तमिलनाडु में बीजेपी संगठन को मजबूती देने और आने वाले चुनावों की तैयारियों को अहम वजह बताया है। वह 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी के संगठनात्मक कामों पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
मुरुगन तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। राज्य में पार्टी के विस्तार और संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है। मंत्री पद छोड़ने के बाद उनका फोकस पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जमीनी स्तर पर काम करने और संगठन को सक्रिय करने पर रहेगा।
राज्यसभा का कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था
एल. मुरुगन मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। उनका राज्यसभा सदस्य के तौर पर कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था, लेकिन उन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा देने का फैसला किया।
अपने इस्तीफे में उन्होंने तत्काल प्रभाव से पद से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया है। उनके इस फैसले के बाद तमिलनाडु में बीजेपी की संगठनात्मक गतिविधियों और 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारियों में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।
मुरुगन का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब बीजेपी तमिलनाडु में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने और राज्य में संगठन का विस्तार करने की रणनीति पर काम कर रही है।